जालौन/एट---------:( रिपोर्ट अतुल शास्त्री भारत News Nation 24) उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन मुख्यालय उरई से मात्र 25 किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक के किनारे आरपीएफ पुणे में तैनात सब इंस्पेक्टर का क्षतविक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया। आननफानन में थाना पुलिस के साथ जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद हमीरपुर निवासी इंस्पेक्टर के परिजनों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे पिता ने परिवार की ही एक महिला पर अवैध संबंधों के चलते बेटे की हत्या का आरोप लगाया है। आरपीएफ झांसी कमांडेंट (झांसी) आलोक कुमार का कहना है कि मामला हादसे का है या हत्या का। इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। उधर, शिशुपाल के बेटे अरेंद्र (15) ने पिता की तलाश के लिए सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डाली। जिसमें उसने लिखा था कि प्लीज डैडी, आप जहां कहीं भी हो वापस आ जाओ, प्लीज डैडी मिसिंग यू आलवेज। इसी तरह अन्य परिजनों ने भी सोशल मीडिया में कमेंट कर शिशुपाल की घर वापसी का प्रयास किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद जालौन के एट रेलवे स्टेशन कि कुछ दूरी पर सुबह के समय वहां से गुजर रहे प्वाइंट मैन को खून से लथपथ शव दिखाई दिया। उसने स्टेशन मास्टर को सूचना दी और कुछ ही देर में जीआरपी व थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतक की जेब से आईकार्ड निकला, जिससे उसकी शिनाख्त शिशुपाल सिंह भदौरिया (46) पुत्र नारायण सिंह भदौरिया निवासी कालपी चौराहा हमीरपुर थाना हमीरपुर के रूप में हुई। शिशुपाल आरपीएफ में सब इंस्पेक्टर पद पर पुणे में तैनात था। वह 21 सितंबर को छुट्टी लेकर घर के लिए निकला था। पुलिस ने मौत की सूचना परिजनों को दी। खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। इसके बाद रोते बिलखते परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पिता का आरोप है कि परिवार की ही एक महिला ने बेटे की हत्या कराई है। शिशुपाल की पत्नी का देहांत 2014 में हो गया था। इसके बाद बेटे के संबंध परिवार की महिला से हो गए थे। तब से वह घर नहीं आया था। बीती 21 सितंबर को वह छुट्टी लेकर हमीरपुर आ रहा था पर वह घर नहीं पहुंच सका। पिता के मुताबिक बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट कानपुर जीआरपी पुलिस एवं हमीरपुर पुलिस में भी दर्ज कराई थी। आरपीएफ के झांसी कमांडेंट आलोक कुमार का कहना है कि यदि परिजन किसी के खिलाफ तहरीर देते हैं तो मामला दर्ज करके उसकी भी जांच की जाएगी। घटना की जानकारी से विभाग के उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।
26 को ड्यूटी ज्वाइन भी करनी थी
परिजनों ने बताया कि शिशुपाल सिंह भदौरिया 21 सितंबर को छुट्टी लेकर हमीरपुर के लिए निकला था। उसे 26 सितंबर को ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। विभाग की ओर से हमीरपुर के घर के पते पर विभागीय नोटिस भी भेजा जा चुका था। जिस पर घरवालों की चिंता बढ़ गई और उसकी तलाश शुरू की गई।
पत्नी के निधन के बाद ही छोड़ा गांव
शिशुपाल की पत्नी की मौत 2014 में पुणे में गंभीर बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उसका अंतिम संस्कार करने के बाद शिशुपाल फिर कभी हमीरपुर लौट कर नहीं आया। परिवार की एक महिला के साथ अवैध संबंध होने की वजह से वह उसी के साथ रहने लगा था। जबकि शिशुपाल का इकलौता बेटा अरेंद्र सिंह हमीरपुर में ही बाबा के पास रहता है।
लापता मोबाइल की काल डिटेल से मिलेगा सुराग
जीआरपी के मुताबिक शिशुपाल के पास से सिर्फ उसका विभागीय आईकार्ड ही मिला है। न तो रुपये थे और न ही उसका मोबाइल। शरीर पर लोवर, टी शर्ट व जूते ही थे। मोबाइल फिलहाल स्विच आफ बता रहा है। पुलिस अब उसकी काल डिटेल और लोकेशन का पता कर रही है, जिससे मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद मिल सकती है।
No comments:
Post a Comment