उरई------: (रिपोर्ट- विनय पांचाल भारत News Nation 24)उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड के जनपद जालौन में कोविड-19 कोरोना वायरस संक्रमण वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए 45 वर्ष से अधिक की उम्र वालों के शुरू किया गया टीकाकरण अभियान पहले दिन काफी धीमा रहा। 80 बूथों पर दिनभर में सिर्फ 2991 लोगों ने ही टीका लगवाया, जबकि लक्ष्य 8000 के आसपास का था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दो एक दिन में संख्या बढ़ने की संभावना है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ सत्यप्रकाश ने बताया कि जिले में टीकाकरण के लिए समय सारिणी निर्धारित कर दी गई है। जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज, नेत्र चिकित्सालय समेत 69 सरकारी और दो प्राइवेट चिकित्सालयों में कुल 80 बूथ बनाए गए हैं। सीएमओ डा ऊषा सिंह ने बताया कि टीकाकरण के लिए उन्हें आधारकार्ड या कोई एक पहचानपत्र के साथ पंजीकरण कराना है। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा समेत बड़ी संख्या में लोगों ने टीकाकरण कराया। वहीं कुछ बुजुर्ग भी टीकाकरण के लिए पहुंचे लेकिन वहां यह कहकर वापस कर दिया गया कि कोविशील्ड वैक्सीन अब चार हफ्ते की बजाय छह हफ्ते बाद लगाई जाएगी।
डीआईओएस भगवत पटेल की मौजूदगी में ने 45 साल से अधिक आयु के शिक्षकों ने भी टीकाकरण में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। प्रधानाचार्य डॉ प्रवीण पांडेय, डॉ राकेश निरंजन, आलोक निरंजन, कुसुमलता,रमाकांत दुबे, डीके झा, अशोक दोहरे, स्वतंत्र सेंगर, निशा दुबे व डीआईओएस कार्यालय के स्टाफ ने टीकाकरण कराया।
उधर, इंदिरानगर निवासी मूलचंद्र वैक्सीन को लेकर वे उत्साहित थे। बताया कि टीका लगवाने के बाद कोई दिक्कत भी नहीं हुई। डॉक्टरों की टीम भी काफी कुशल है। गोपालगंज निवासी गोविंद स्वामी ने बताया कि टीका लगाने के साथ ही अस्पताल से दवाई भी दी गई है, जो कुछ दिक्कत आने पर खाई जा सकती है। इंतजाम भी ठीक रहे। डीवीसी की प्राध्यापक डॉ अलकारानी पुरवार के मुताबिक वैक्सीन लगवाने के लिए अधिक से अधिक लोग आगे आएं और खुद को व समाज को कोरोना से सुरक्षित रखें। डॉ ममता स्वर्णकार ने बताया कि टीकाकरण के बाद अब वे स्वयं को कोरोना से सुरक्षित महसूस कर रही है लेकिन ऐतिहात में कोई कमी नहीं आएगी। दूरी और मास्क, बेहद जरूरी है।
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