शुक्रवार को शहर के जानकी पैलेस में बसपा के तत्वावधान में प्रबुद्व वर्ग के सम्मान, सुरक्षा, तरक्की को लेकर गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने वर्ष 2005 की यादें ताजा की। कहा उस समय बसपा से ब्राम्हणों को जोड़ने का काम किया था और एक कार्यक्रम में बहिन मायावती को स्मृति चिन्ह भेंट किया था तो उस समय उन्होंने नारा दिया था कि ये हाथी नहीं गणेश है, ब्रम्हा, विष्णु, महेश है। इसके प्रदेश में वर्ष 2007 में वह मुख्यमंत्री बनी। जब सरकार बनी तो मुख्यमंत्री बहन मायावती ने सबसे अधिक सम्मान ब्राह्मणों को दिया। प्रमुख पदों पर ब्राह्मण समाज के लोग बैठाए थे। कैबिनेट में भी सबसे अधिक संख्या ब्राह्मण समाज की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी आंकड़े भले ही 13 फीसदी ब्राम्हण समाज के दर्ज हों लेकिन हकीकत में यहां 16 फीसदी ब्राम्हण है और 23 फीसदी दलित समाज है। ये आपसी भाईचारा जीतने के लिए अहम है। उन्होंने ब्राह्मण समाज को सनाढ्य, कान्यकुब्ज, जुझौतिया, 20 विस्बा, 17 विस्बा में न बटने की सलाह दी। कहा समाज के उत्थान के लिए एकजुट हो। उन्होंने बिकरू प्रकरण के नाम पर ब्राम्हणों के उत्पीड़न की बात कही। कहा कि खुशी दुबे के हाथों की मेंहदी भी नहीं छूटी थी और उसके हाथों में तमंचा दिखा दिया गया। काम करने वाली दो महिलाओं को उनके अबोध बच्चों के साथ जेल में डाल दिया उनके पतियों की हत्या कर दी। रायबरेली से लेकर लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में ब्राम्हण समाज के लोगों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र किया। अपराधी बताकर लोगों की हत्या कर दी जाती है। सपा सरकार में भी हुए ब्राम्हण उत्पीड़न की बात कही। उन्होंने कन्नौज की घटना समेत कई घटनाओं का जिक्र किया।
अयोध्या हो या बनारस सभी जगह बसपा सरकार में हुए कार्य
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव ने वर्ष 2007 की बसपा सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई। कहा अयोध्या में सरयू घाट का विकास हुआ। बिठूर में सीता रसोइया से लेकर बाल्मीक आश्रम पर काम हुआ। बनारस, बृन्दावन में जो कार्य हुए वह किसी से छिपे नहीं है।आस्था के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा के शासन काल में अयोध्या से लेकर बनारस, बिठूर और बृन्दावन सब बदहाल है। एक साल में राम मंदिर बनाने की बात कही थी और अभी तक नींव नहीं डली।
मंहगाई चरम पर
सम्मेलन के मुख्य अतिथि ने देश में महंगाई को लेकर भी भाजपा सरकार को निशाने पर रखा। एलपीजी गैस सिलेंडर 900 रुपये का हो गया। उन्होंने कहा किसानों के साथ भी धोखा हुआ है। आय दोगुनी करने का वायदा किया था और उनकी जमीन छिनने की योजना बनाई जा रही है।
जोरदार हुआ स्वागत
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा, पूर्व मंत्री नकुल दुवे का जोरदार स्वागत हुआ। फूलमालाओं के बाद चांदी के मुकुट, गदा और भगवान परशुराम के चित्र बतौर स्मृति भेंट किये गए।
संजीव थापक ने ताकत दिखाने का किया प्रयास
माधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का सपना संजोए संजीव थापक ने बसपा के राष्ट्रीय महासचिव के सामने अपनी ताकत दिखाने का भरसक प्रयास किया। उनके समर्थक हाथों में तख्तियां लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। शहर में जिला परिषद से लेकर जानकी पैलेस तक सड़क किनारे होर्डिंग वार में भी आगे रहे।
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