कालपी----------:( रिपोर्ट वीरेंद्र सिंह चौहान भारत News Nation 24)उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के मुख्य द्वार कालपी में पिछले दो दिनों से मध्य प्रदेश व राजस्थान के बाधों से लगातार छोटे जा रहे पानी की वजह से एक बार फिर जिले की नदियां उफान पर है। बुधवार को यमुना के जलस्तर ने खतरे के निशान 108 मीटर को पार कर लिया है। यमुना का जलस्तर 108.30 मीटर मापा गया। इससे यमुना की तलहटी में बसे गांवों में पानी भरने लगा है। यमुना के घाटो में पानी भर गया है। क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। डीएम प्रियंका निरंजन, एडीएम पूनम निगम, एसडीएम कौशल कुमार ने यमुना की तलहटी में बसे गांवों का निरीक्षण कर लोगों से बेहद सतर्कता बरतने की अपील की है।
आपको अवगत कराते चलें कि पिछले 24 घंटे में लगातार कोटा बैराज व अन्य बांधों से यमुना, बेतवा, चंबल नदी में कई बार पानी छोड़ा गया है। एक अनुमानित आंकड़े के अनुसार बांधों से करीब 13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। जिससे एक बार फिर जिले के नदियां उफान पर है। इसमें सबसे अधिक यमुना में पानी देखा जा रहा है। बुधवार को नगर में यमुना नदी खतरे के निशान 108 मीटर को पार कर गई। इससे नगर के निचले इलकों में बसे गांवों में पानी भरने लगा है। पानी बढ़ने से कालपी गुलौली संपर्क मार्ग में पानी भर गया है। जिससे यह मार्ग पूर्णता बंद हो गया है। यमुना के खतरे के निशान पार करने की सूचना पर जिलाधिकारी डीएम प्रियंका निरंजन व अन्य अधिकारियों ने यमुना के तटवर्ती गांव का दौरा कर लोगों को सचेत किया। इस दौरान अपील की है कि कोई भी ग्रामीण नदीं के किनारे पर ना जाए यदि कहीं भी किसी प्रकार की समस्या हो तो वह तुरंत प्रशासन से संपर्क करें। डीएम ने यमुना के बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि यमुना निरंतर 15 से 20 सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ रही है, जिससे अनुमान है, की यमुना नदीं का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर तक पहुंच सकता है। आने वाले समय में यदि बांधो से पानी और ज्यादा छोड़ा जाता है तो स्थिति भयावह हो सकती है।
तलहटी के गांवों के निचले इलाकों को खाली करने की अपील
यमुना नदी में बढ़ रहे जलस्तर से ग्रामीण क्षेत्रों में यमुना का पानी पहुंचने के खतरे को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने यमुना नदी के तटवर्ती गांव मदारपुर, कीरतपुर, हीरापुर, देवकली, शेखपुर गुढा, मैंनूपुर आदि गांव में पहुंच कर लोगों को इकट्ठा कर माइक से अनाउंसमेंट कर सचेत कर निचले इलाकों को खाली करने की अपील की है।
नावों व स्टीमरों को किया अलर्ट
एसडीएम कौशल कुमार ने कहा कि लगातार बढ़ रहे यमुना के जलस्तर को देखते हुए नावों व स्टीमरों के चालकों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए है। ताकि आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट
जिलाधिकारी ने सभी नदी पट्टी के पास पड़ने वाली सीएचसी व पीएची के डाक्टरों को निर्देश दिए है कि वह अपने यहां सांप काटने की दवा की पर्याप्त उपलब्धता कर लें। जिससे कि किसी भी व्यक्ति को परेशान न होना पड़े। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्थाई रेनवसेरे के साथ साथ अस्थाई अस्पतालों को भी बनाया जाए, जिससे किसी भी आपत स्थिति से निपटा जा सके।
जिला प्रशासन ने बनाए कंट्रोल रूम
अपर जिलाधिकारी पूनम निगम ने बताया कि बाढ़ राहत बचाव के लिए जिला प्रशासन ने जिले में कं ट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। जिनमें 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिससे किसी भी स्थिति से निपटा जा सके साथ ही पीड़ितों को मदद पहुंचाई जा सके।
ये है नंबर- 05162252313 व 05162-255518
टोल फ्री नंबर - 1077
बेतवा भी उफनाई, प्रशासन अलर्ट पर
कोटरा। बेतवा नदी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है। इससे किसानों की तिलहन की फसल पानी में डूब जाने की आशंका से किसान चिन्तित है। पिछले सप्ताह बेतवा घटकर टलहटी पर पहुंच गई थी। तब लोगों ने राहत की सांस ली थी। पर मंगलवार की रात से एक बार फिर बेतवा का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिससे तलहटी की गांवों में पानी भर गया है। वहीं कई गांवों का संपर्क भी कट गया है। प्रशासन ने राहत बचाव कार्य तेज कर दिया है।
No comments:
Post a Comment