1-87 हजार तनख्वाह के बावजूद छात्रों के मिड डे मील के पैसा डकार रहे प्रधानाचार्य ।
2-इससे पहले भी प्रधानाचार्य जी रहे हैं विवादों के घेरे में ।
3-पूर्व की तैनाती में विद्यालय के बाउंड्री का पैसा ब्याज पर उठाकर 5 साल नहीं कराया था बाउंड्री वाल का निर्माण ।
भारत न्यूज़ नेशन 24:
वीरेंद्र सिंह चौहान की रिपोर्ट
उरई---------:जनपद जालौन के डकोर विकासखंड में एक ऐसा भी विद्यालय है जहां पर अभी तक छात्र छात्राओं को ड्रेस है तक नहीं मिल सकी है और ना ही इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को मध्यान भोजन के मीनू के अनुसार फल और दूध नहीं मिलता है ऐसी अव्यवस्था जनपद के गिने चुने ही विद्यालय होंगे जहां पर विद्यालय के प्रधानाचार्य की निगाहें छात्र छात्राओं के मिड डे मील और ड्रेस के भी पैसे को हड़पने का इंतजार रहता है तो उसी के चलते जब बुधवार को डकोर विकासखंड के ग्राम होता में स्थापित कम कंपोजिट विद्यालय है जहां पर कन्या प्राथमिक पाठशाला प्राथमिक पाठशाला और जूनियर हाई स्कूल स्थापित है और इन तीनों विद्यालयों का मध्यान भोजन का पैसा जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाचार्य की देखरेख में आता है जब हमने इस विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था एवं मध्यान भोजन की व्यवस्था देखी और विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं से बात की तो पता चला है कि इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को दूध और फल के कभी दर्शन ही नहीं हुए हैं वहीं इसी संबंध में जब विद्यालय में तैनात अध्यापकों से बात की गई तो वह यह कहकर डालते नजर आए कि आप हम से नहीं हमारे विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों से ही पूछिए हम कुछ नहीं कह सकते को जब बच्चों से बात की गई तो उन्होंने साफ मना कर दिया कि इस वित्तीय वर्ष में हम लोगों को महज एक बार ड्रेस मिली है 11 जोड़ी इसके बाद दूसरी ड्रेस अभी तक नहीं मिली है और वही दूध और फल के कभी दर्शन भी नहीं होते है। मामले को लेकर जब बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रेमचंद यादव से जानकारी ली गई तो उनका कहना है की हमें मामला संज्ञान में नहीं था अब बताया गया है तो हम जांच करवा कर कार्यवाही करेंगे।
No comments:
Post a Comment