जालौन उरई ------:उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण कोविड-19 के वीच मजदूरों को काम दिलाने के लिए उनकी रोजी-रोटी सुचारू रूप से चलने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं वहीं पर जनपद जालौन के विकासखंड कादौरा के 1 ग्राम में एक तालाब की खुदाई जेसीबी मशीन द्वारा कराई जा रही है जिससे मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है व बाहर से लौटे मजदूरों को रोजी रोटी के लाले पड़े हुए हैं लॉकडाउन के बाद सैकड़ों मजदूर घर लौटे हैं। काम धंधा बंद होने से हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट है। गांव में ही काम दिलाने के दावे के बीच परौसा व बबीना गांव में जेसीबी से तालाब खोदाई कराई जा रही है। ऐसे में गांव के मजदूरों को कैसे काम मिलेगा, यह बड़ा सवाल है।
जनपद जालौन के विकासखंड कदौरा के
ग्राम बबीना का तालाब लगभग 11 एकड़ क्षेत्रफल में है। तालाब की खोदाई लघु सिचाई विभाग द्वारा लगभग 35 लाख रुपये की लागत से कराई जा रही है। इसमें दो घाटों का निर्माण भी शामिल है। कार्य मनरेगा मजदूरों से कराया जाना था पर ठेकेदार कार्य मशीनों से करा रहा है। मजदूर रामगोपाल, धनीराम, रामलाल, बृजकिशोर, लालाराम, परमा आदि का कहना है कि हम लोग दिहाड़ी मजदूर हैं और जॉबकार्ड भी है। हमें काम नहीं मिल रहा। इधर, ग्राम परौसा में भी जेसीबी लगाकर तालाब की खोदाई हो रही है। बीडीओ अतिरंजन सिंह का कहना है कि यह कार्य शासन के द्वारा लघु सिचाई विभाग को दिया गया है। फिर भी अगर ऐसा कोई मामला है तो उसको देखकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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