जालौन --------: (रिपोर्ट- शिवबालक सिंह राजावत भारत News Nation 24)उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के रामपुरा विकास खंड रामपुरा के अंतर्गत नादियापार इलाके में बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। रविवार की शाम से एक बार फिर नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। जिससे ग्रामीण सहम गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से गांवों में पानी भरा है जिससे अब संक्रमण रोग फैलने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि प्रशासन द्वारा रविवार को भी हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री का वितरण किया गया।
प्रशासन द्वारा जिन गांवों की सूची जारी की गई थी। उनमें से एक गांव कुसेपुरा हैं, जो बाढ़ से काफी प्रभावित भी हैं। गांव के लगभग 500 लोग ऊंचे टापू पर महिलाओं व बच्चों के साथ अपना आशियाना बनाकर रह रहे हैं। 50 के लगभग लोग गांव में ही रह रहे हैं। जिनको न तो हेलीकॉप्टर द्वारा राहत सामग्री का वितरण किया गया और न ही भोजन के पैकेट वितरण किए गए।
बिहौड़ व जखेता गांव के हालात बहुत खराब है। गांव में अधिकांश घर बाढ़ के कारण जमींदोज हो चुके हैं। घरों में रखा अनाज पानी से सड़ गया है, जिससे आसपास काफी दुर्गंध फैलने लगी हैं। ग्रामीणों को यह भय भी सता रहा है कि नदियां पुन: बढ़ने लगी हैं, तो नदियों के किनारे वाले गांवों का वजूद ही खत्म हो जाएगा। फिलहाल सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन बराबर जारी हैं। जहां तक सेना की बोट पहुंच रही हैं, वहां तक राशन सामग्री भेजी जा रही है।
एसडीएम सालिकराम ने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि निरंतर नजर बनाए रखें। राहत व बचाव कार्य में कोई भी लापरवाही न हो। नगर पंचायत की ओर से भी बराबर लंच पैकेट बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए सेना को सुपुर्द कर रही हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सेना गंभीरता से ले रही हैं। सूचना मिलते ही युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन सेना द्वारा किया जा रहा है।
इन गांवों में भरा पानी
क्षेत्र के निनावली, कुसेपुरा, किशनपुरा, डिकौली जागीर, मिर्जापुरा, बिहौड़, जखेता, भेलावली, कर्रा, मुहब्बतपुरा, गुढ़ा बेरा, पुरा महटोली, पतराही, हिम्मतपुर, शिवगंज आदि गांव बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित हैं।
स्वयं सेवकों ने बांटे लंच पैकेट
जिले में आई दैवीय आपदा बाढ़ के कारण कई गांव प्रभावित हो गए थे, जिसमें खंड रामपुरा में बाढ़ ग्रस्त लोगों के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थानीय कार्यकारिणी के द्वारा भोजन पैकट बना कर जिला प्रचारक यशवीर के नेतृत्व में बांटे गए। स्वयंसेवकों ने टोलियां बनाकर पैदल रास्तों से एवं नाव के माध्यम से पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र सिद्धपुरा, बिलौंड, सिद्धपुरा, महरौली, कुशेपुरा, डिकौली, मिर्जापुरा, किशुनपुरा में स्थानीय लोगों को वितरण किया गया।
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