कोरोना संकट से उद्योगों को उबारने के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए प्रयासरत योगी सरकार - Bharat News Nation 24

Bharat News Nation 24

हर खबर पर नज़र

Breaking news

Thursday, 4 June 2020

कोरोना संकट से उद्योगों को उबारने के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए प्रयासरत योगी सरकार






निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए योगी सरकार का फैसला, हर MOU के लिए नोडल अफसर

 लखनऊ-------: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमणcovid-19 कोरो ना काल में उद्योग जगत  हुए नुकसान को देखते हुए उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए प्रयासरत योगी सरकार अब कोरोना संकट से उद्योगों को उबारने के लिए निवेशकों की राह के सारे कील-कांटे चुन लेना चाहती है। करार और प्रस्ताव फाइलों में ही फंसकर न रह जाएं, इसके लिए एमओयू मॉनीटरिंग सिस्टम बनाया गया है। ऐसा संभवत: पहली बार होने जा रहा है, जब हर एमओयू (समझौते) की सभी औपचारिकताएं पूरी कराने को, उसे धरातल पर उतारने के लिए एक अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किया जा रहा है। नई व्यवस्था के संबंध में मुख्य सचिव आरके तिवारी ने शासनादेश जारी कर दिया है।योगी सरकार ने प्रदेश में एक बड़ा संदेश देने के लिए एमओयू की निगरानी को नई व्यवस्था बनाई है। मुख्य सचिव आरके तिवारी द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि उद्योगों, निवेशकों और उत्तर प्रदेश शासन के बीच उद्योग बंधु को एक सेतु या इंटरफेस की तरह काम करना है। उद्योग बंधु द्वारा एक ऑनलाइन एमओयू ट्रैकिंग पोर्टल विकसित किया गया है, जिसको राज्य के सिंगल विंडो पोर्टल- निवेश मित्र में एकीकृत किया गया है। एमओयू ट्रैकिंग पोर्टल के तकनीकी प्रबंधन के लिए उद्योग बंधु नोडल संस्था होगी।अब किसी भी विभाग के साथ होने वाले नए एमओयू को एमओयू ट्रैकिंग पोर्टल पर जरूर दर्ज करना होगा। नोडल अधिकारी एमओयू के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति, निवेशक की समस्याओं और प्रकरणों से जुड़ी सूचना को समीक्षा बैठकों के साथ ही पोर्टल पर उपलब्ध कराएंगे। साथ में लगाई जाने वाली आख्याएं प्रत्येक माह मुख्य सचिव स्तर पर होने वाली प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप की बैठकों में रखी जाएंगी। इस पोर्टल का उपयोग प्रदेश के सभी मंडलायुक्त भी कर सकते हैं। उन्हें लॉगिन आइडी दिया जाएगा।         1:विभागों में बनेगी प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग यूनिट ----------: सभी एमओयू को उनके क्षेत्र और सेक्टर के अनुसार संबंधित विभागों को आवंटित किए जाएंगे।।                              2 :एक विभागीय नोडल अधिकारी की नियुक्ति------- : नोडल विभाग द्वारा प्रत्येक एमओयू के लिए एक विभागीय नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इसी तरह 500 करोड़ रुपये से कम के प्रत्येक निवेश प्रस्ताव की निगरानी के लिए कम से कम मंडल स्तर के अधिकारियों को नामित करना होगा। 500 करोड़ रुपये से 2000 करोड़ रुपये तक के प्रत्येक एमओयू के लिए विशेष सचिव/निदेशक स्तर के अधिकारियों को नामित किया जाएगा। 2000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रत्येक एमओयू के लिए अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव स्तर के अधिकारी नोडल अधिकारी बनेंगे।                                3:  हर महीने होंगी समीक्षा बैठकें ---: मुख्य सचिव आरके तिवारी ने आदेश में कहा है कि कृषि और संबंधित क्षेत्रों के 2000 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू की मासिक समीक्षा बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में होगी। अन्य सभी क्षेत्रों के 2000 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू की मासिक समीक्षा बैठक अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में होगी। इसी प्रकार 500 करोड़ रुपये से 2000 करोड़ रुपये तक के एमओयू की मासिक समीक्षा बैठक विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या सचिव की अध्यक्षता में होगी। 500 करोड़ रुपये से कम के एमओयू की समीक्षा बैठक मंडलायुक्त लेंगे। प्रत्येक दो माह पर सभी एमओयू की समीक्षा विभागीय अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव करेंगेनोडल अफसर ट्रैक करेंगे  /                                             4: प्रतिदिन की प्रगति : एमओयू वार नामित नोडल अधिकारी निवेश प्रस्ताव की दिन-प्रतिदिन की प्रगति को ट्रैक करेंगे। उनकी जिम्मेदारी होगी कि वह समीक्षा बैठक में एमओयू के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति से अवगत कराएं। माह की पांच तारीख तक पोर्टल पर जानकारी अपडेट करेंगे।                       ब्यूरो रिपोर्ट-जे पी दुवेदी लखनऊ

No comments:

Post a Comment

Pages