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Wednesday, 3 June 2020

कोरोना काल में बदलती जीवनशैली और खानपान ने प्रतिरोधक क्षमता पर डाला खासा असर बेहतर स्वास्थ्य का राज साइकिल है

जालौन उरई---------- : उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण covid-19 लॉक डाउन के बीच कोरोना काल में लोग एक तरह से घरों में ही कैद रहे। इस दौरान सेहत पर विशेष ध्यान दिया। खानपान के साथ शारीरिक व्यायाम को प्रमुखता दी। साधन संपन्न लोगों में घर में ही साइक्लिग कर वजन कम किया। सभी की समझ में आया कि बेहतर स्वास्थ्य ही हर बीमारी के खतरे का सामना कर सकता है।  है। चिकित्सक बताते हैं कि साइकिल चलाने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है। हृदय मजबूत होता है और कई बीमारियां पास नहीं फटकती हैं। जबकि लंबे समय से साइकिल चलाने वाले बेहतर स्वास्थ्य का राज साइकिल को ही बताते हैं। कहते हैं कि घर के अंदर कमरे में हजारों खर्च कर साइक्लिग करने वाले सड़क पर साइकिल से चलने वालों को अच्छी निगाह से नहीं देखते हैं लेकिन हम उनसे ज्यादा स्वस्थ महसूस करते हैं । साइकिल चलाने से न केवल खुद बल्कि समाज को भी बड़ा फायदा पहुंचता है। प्रदूषण नहीं बढ़ता है और आर्थिक बचत भी होती है। कहते हैं कि उरई जैसा शहर महज तीन से चार किमी. के अंदर ही फैला है। आमजन साइकिल से अपना हर काम कर सकते हैं। बदले माहौल में साधन संपन्न घर में तो साइकिल चलाकर शरीर को स्वस्थ रखते हैं पर इससे प्रेरणा नहीं लेते हैं। साइकिल चलाने से जहां शारीरिक व्यायाम होता है, वहीं हार्ट, शुगर और जोड़ों के दर्द संबंधी बीमारी खुद ब खुद दूर रहती है। मांसपेशियां मजबूत होती हैं। बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। साइकिल चलाने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है। पैरों में सूजन बैकबोन में दर्द जैसी समस्या नहीं आती है। इनर्जी बर्न होने से वजन संतुलित रहता है। सबसे बड़ी बात शहर में जाम की समस्या का भी सामना नहीं करना पड़ेगा और शरीर की रोध प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा होता है। बेहतर स्वास्थ्य का राज साइकिल है, 

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