जालौन उरई--------: उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के विकासखंड कदौरा मौरंग खनन घाटों पर सीमा के बाहर अवैध रूप से मौरंग निकाले जाने की शिकायतों के बाद आलाधिकारी गंभीर हुए हैं। भेड़ी खुर्द के घाट नंबर तीन और चार पर एडीएम की अगुवाई में छापेमारी की गई। टीम आने की भनक पहले ही लग जाने से नदी में गरजने वाली मशीनों को जंगल में छिपा दिया गया। अफरातफरी के बीच निरीक्षण किया गया। संचालकों द्वारा बनवाए गए अवैध पिलर को ध्वस्त करा दिया गया। नियमानुसार खनन की चेतावनी दी गई। कयास है कि जल्द ही कुछ संचालकों पर गाज गिर सकती है। एडीएम प्रमिल कुमार सिंह की अगुवाई में टीम ने भेड़ी खुर्द मे तीन व चार नंबर के अलावा हेमनपुरा स्थित खदानों पर छापेमारी की। छापेमारी की सूचना लीक होने से खदान संचालकों ने मशीनों को जंगल में छिपा दिया। संचालकों को हिदायत देते हुए कहा गया कि अपनी सीमा के अंदर ही मौरंग निकालें। अवैध खनन व ओवरलोडिग की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेखपाल से सीमांकन मिलान करवाया गया। एडीएम प्रमिल कुमार सिंह ने कहा कि निरीक्षण कर संचालकों को निर्देश दिए हैं कि अपनी सीमा से ही मौरंग की उठान करवाएं। बनवाए गए अवैध पिलर ध्वस्त करा दिए गए हैं। एसडीएम कालपी कौशल कुमार, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट गुलाबचंद्र, लेखपाल रामजी सिंह आदि मौजूद रहे। भेड़ी खदान पर रात के अंधेरे में अवैध रूप से निकलने वाले मौरंग भरे ट्रैक्टर व ट्रकों से सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। कई बार ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है।
लोकेशन माफिया के आगे नहीं गलती दाल
अवैध खनन के लिए चर्चित कदौरा क्षेत्र में लोकेशन माफिया भी सक्रिय रहते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के आगमन की सूचना उनके पहुंचने के पहले ही खदान संचालकों को मिल जाती है। यही वजह रही कि खदान संचालकों ने उनके आने से पहले ही पोकलैंड मशीनें गांव व जंगलों में छिपा दी थीं।
No comments:
Post a Comment