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Thursday, 17 December 2020

17 साल से सुलग रही चिंगारी बनी आग का गोला

 जालौन उरई -------: (ब्यूरो रिपोर्ट -भारत News Nation24) उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन मामला उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के जनपद जालौन का है जहां पर  जमीनी विवाद में 17 साल से सुलग रही चिंगारी आज आग का गोला बन गई जहां पर दो पक्षों में लाठी-डंडे  के साथ-साथ फायरिंग भी हुई जहां पर 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए कुठौंद थाना क्षेत्र के खेरा जमलापुर में गुरुवार को जमीन की रंजिश में दो पक्षों में लाठियां, धारदार हथियार चलने के साथ फायरिंग भी हुई। इसमें दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल से झांसी रेफर किया गया है। अभी किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। गांव में तनाव के चलते दो थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है।                                          प्राप्त जानकारी के अनुसार  कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत खेरा जमलापुर गांव के अशोक कुमार दुबे और कृष्ण कुमार शुक्ला के बीच साढ़े तीन एकड़ जमीन पर कब्जे को लेेकर रंजिश है। दोनों पक्षों में कई बार विवाद हो चुका है। गुरुवार सुबह अशोक बेटा राघवेंद्र और भतीजा शीवेंद्र के साथ खेत में पानी लगा रहा था। इसी बीच कृष्ण कुमार का बेटा आशुतोष भी रिश्तेदार सोनू उर्फ राम गणेश भी बघराई करने पहुंच गया। दोनों में कहासुनी होने लगी। सूचना पर दोनों पक्षों के लोग पहुंच गए। लाठी, कुल्हाड़ी से मारपीट के साथ तमंचों से फायरिंग भी हुई। किसी ने कुठौंद पुलिस को सूचना दी
पुलिस को खेत में राघवेंद्र, शीवेंद्र, आशुतोष और सोनू लहूलुहान पड़े मिले। पुलिस ने चारों को जिला अस्पताल भेजा, जहां से उन्हें झांसी रेफर कर दिया गया। इंस्पेक्टर अरुण तिवारी ने बताया कि शीवेंद्र के सिर में छर्रे और राघवेंद्र की कमर में गोली लगी थी। आशुतोष और सोनू धारदार हथियार से लहूलुहान हुए हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि अभी किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। अगर तहरीर नहीं मिलती है तो पुलिस अपनी ओर से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करेगी। गांव में कुठौंद और गोहन थाने की पुलिस लगा दी गई है। सीओ विजय आनंद का कहना है कि दोनों पक्षों से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। घायलों के पहुंचने पर एएसपी डॉ अवधेश सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे और थाना पुलिस से घटना की जानकारी ली।
17 साल से सुलग रही थी चिंगारी
 अशोक और कृष्ण कुमार के बीच 17 वर्ष से जमीन का विवाद चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अशोक ने तीन एकड़ जमीन अजीतापुर गांव के अफजल को बेची थी। लिखापढ़ी में पेंच फंसने पर अफजल को जमीन पर कब्जा नहीं मिला। अशोक और अफजल में कोर्ट में मुकदमा भी चल रहा है। वर्ष 2016 में अफजल ने जमीन जमलापुर निवासी कृष्ण कुमार शुक्ला को बेच दी। इसके बाद विवाद अशोक और कृष्ण कुमार के बीच हो गया। जमीन पर कब्जे के लिए दोनों पक्षों में अक्सर विवाद हुआ करता था।
पुलिस कमाई का जरिया बनी थी जमीन
कुठौंद पुलिस के लिए विवादित जमीन कमाई का जरिया बनी थी। साल में तीन चार बार विवाद चौकी और थाने पहुंचता था। हर बार पुलिस लेनदेन कर दोनों पक्षों में समझौता कराकर चलता कर देती थी।
सोनभद्र की घटना भी भूली पुलिस
दो साल पहले सोनभद्र में जमीन विवाद में कई लोगों की मौत हुई थी। उसके बाद प्रदेश भर में पुलिस को जमीन विवाद निपटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कुठौंद पुलिस ने लापरवाही बरती। पुलिस की इसी लापरवाही से विवाद खूनी संघर्ष तक पहुंच गया।

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