जालौन उरई--------: (ब्यूरो रिपोर्ट- भारत News Nation 24) उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन मुरादनगर के मोक्ष धाम की घटना के बाद अब शासन 50 लाख से अधिक की 39 परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त हो गया है। शासन के निर्देश पर जिले के साथ-साथ मंडल में भी जांच कमेटी व नोडल अधिकारी को नामित किया गया है, जो जिलों में संचालित परियोजनाओं की जांच करेंगे। नए निर्देश के तहत झांसी की संयुक्त विकास आयुक्त मिथलेश सचान सहित पांच अधिकारियों को जिले का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। शासन के निर्देश है कि सभी अधिकारी अपनी-अपनी परियोजनाओं की मौके पर पहुंच कर जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट मंडल को देंगे।
मोक्ष धाम की छत ढहने से 23 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद से पूरे प्रदेश में संचालित योजनाओं में गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। वहीं घटना में जिले स्तर के अधिकारियों की लापरवाही भी उजागर हुई। मामले को संज्ञान में लेते हुए शासन ने अब जिले में संचालित परियोजनाओं की देखरेख के लिए मंडल स्तर पर जांच कमेटी गठित करने के साथ एक जिम्मेदार अधिकारियों को नोडल बनाया है। इस नए निर्देश के तहत जिले में संचालित परियोजनाओं में गुणवत्ता के मंडल स्तर पर संयुक्त विकास आयुक्त को नोडल नामित किया है। इसके साथ ही सभी परियोजनाओं के जांच के लिए अलग-अलग जांच कमेटी के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिले में जांच कमेटी में संजय यादव संयुक्त शिक्षा निदेशक झांसी, सुधीर कुमार श्रीवास्तव संयुक्त आयुक्त उद्योग झांसी, उदयभान उपायुक्त सहकारिता झांसी, आर डी यादव उप निदेशक पिछड़ा वर्ग आदि को कमेटी में नामित किया है। सभी अधिकारियों को योजनाओं की जिम्मेदारी दी गई है, जो मंडल स्तर से तय की गई है। इसके साथ इन सभी अधिकारियों के सहयोग के लिए तकनीकी अधिकारियों को नामित किया गया है।
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