उरई-------: रिपोर्ट भारत News Nation 24 प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार पांचाल अखिल भारतीय बढ़ई महासभा भारत) व्यक्ति से समाज बनता है और समाज से राष्ट्र का निर्माण होता है। इस प्रकार व्यक्ति का समाज पर प्रभाव पड़ता है और समाज का राष्ट्र पर प्रभाव पड़ता है। इसलिय किसी भी राष्ट्र की उन्नति में उस राष्ट्र के व्यक्ति ओर समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह हम भलीभाँति जानते है कि व्यक्ति से समाज का महत्व अधिक होता है। इसलिए समाज अपने प्रतेक स्वरूप से अपने राष्ट्र को निरंतर प्रभावित करता रहता है । इस प्रकार राष्ट्र का विकास और हास दोनों, क्योंकि समाज के लिए दोनों उत्तरदायी है । अगर समाज के जिम्मेदार पदाधिकारी निष्क्रिय होंगे तो उनका समाज पतनोन्मुख होगा, अतएव किसी राष्ट्र के विकास के लिए उसके समाज का विकसित होना आवश्यक है हमारे देश का स्वरूप यहाँ की सामाजिक विषमताओं और कुरीतियों के कुपरिणाम स्वरूप बहुत अधिक दुःखद ओर क्रूर बन गया है। आज भारतीय जीवन विभिन्न प्रकार की सामाजिक कुरूतियों से संकटग्रस्त हो चुका है। आज भारतीय जीवन मे अनेक प्रकार की सामाजिक अव्यवस्था – वर्णव्यवस्था , अंधविश्वास, जातिवाद, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद, प्रांतवाद, भाषा-बोली वाद, दहेज-प्रथा, बाल-विवाह प्रथा, सती -प्रथा, आदि रूढिया ओर कुरीतिया फैल चुकी है। इससे सम्पूर्ण जीवन स्वरूप को मानो ग्रहण लग चुका है। इस प्रकार की कुरुतियों से देश और समाज के साथ-साथ हर व्यक्ति चिंतित ओर परेशान है। ये कुरुतिया किस प्रकार की है और इनके कुप्रभाव क्या और कैसे है। आज अखिल भारतीय बलाई महासभा भारत के राष्ट्रीय पदाधिकारी निष्क्रिय दिखाई दे रहेे हैं
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Bharat News Nation 24
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