परिजनों ने बताया कि अनिल के पास 15 बीघा जमीन थी। उसने चार बीघा में मटर और 11 बीघा में अन्य फसलों की बुवाई की थी। बेमौसम हुई बारिश से फसल खराब हो गई थी। वह मटर की सिंचाई पहले ही कर चुका था। खेत में पानी भरे होने से दो दिन से परेशान चल रहा था।
अनिल का इकलौता पुत्र मयंक अपने मामा के घर कानपुर देहात के इनपुरा गांव में रहकर पढ़ाई करता है। पिता चंद्रपाल, मां चंद्ररोशनी, पत्नी पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
अनिल का इकलौता पुत्र मयंक अपने मामा के घर कानपुर देहात के इनपुरा गांव में रहकर पढ़ाई करता है। पिता चंद्रपाल, मां चंद्ररोशनी, पत्नी पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
No comments:
Post a Comment