श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आए प्रवासी श्रमिकों के चेहरे पर निराशा के भाव स्पष्ट रूप से झलक रहे थे। प्रचंड गर्मी में भूख और प्यास ने उनके चेहरे की भाव भंगिमाएं ही बदल थीं। इससे वे काफी व्यथित थे। मुंबई से आये श्रमिक अनिल कुमार ने बताया कि रास्ते में एक दो जगह खाना बंटता मिला लेकिन जब तक उनका नंबर आया खाना खत्म हो गया था। हालत यह हुई कि उन्हें पानी तक पानी तक नसीब नहीं हुआ। अजमेर सिंह ने बताया कि पंजीयन नहीं होने तक तो वे बेहद मुश्किल भरे हालात से जूझ रहे थे। अब उन्हें तसल्ली है कि वह अपने घर सुरक्षित आ गए हैं। ब्रह्मादीन ने बताया कि कमाई के लिए अब वह बाहर नहीं जाएंगे बल्कि अपने जिले में ही रहकर रोजगार सृजित करेंगे।
जालौन उरई --------: उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण जो परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं उन्हें श्रमिक और मजदूर वर्ग शायद ही कभी नही भूल पायेंगे। क्योंकि प्रवासी श्रमिकों को इन परिस्थितियों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही उनको बेरोजगारी और भुखमरी का दंश भी झेलना पड़ रहा है। मुंबई से गोरखपुर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन मंगलवार को तड़के साढ़े तीन बजे उरई स्टेशन पर रुकी। जहां पर 120 प्रवासी श्रमिक उतरे। सभी को शारीरिक दूरी बनाते हुए पहले थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उनको बसों से रवाना किया गया। इस दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न रहे इसके लिए जीआरपी तथा आरपीएफ के जवान मौके पर मुस्तैद रहे।
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