लखनऊ-------: उत्तर प्रदेश वैश्विक महामारी कोरोना काल के संक्रमण के दौर में प्रकृति भी लोगों पर कहर बनकर टूट पड़ी। आंधी तूफान भूकंप बारिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के बाद कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम बारिश ने किसानों और आम लोगों को राहत तो दी, लेकिन इसी दौरान मौसम के रौद्र रूप धारण करने से वज्रपात से कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। बड़ी संख्या में लोग झुलस भी गए हैं। देवरिया में नौ, प्रयागराज पांच, अंबेडकरनगर, सिद्धार्थनगर में तीन-तीन, बाराबंकी दो, संतकबीरनगर, रायबरेली, कुशीनगर, फतेहपुर बलरामपुर और उन्नाव में बिजली गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और तत्काल राहत पहुंचाने का आदेश दिया।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया के भलुअनी, बरहज, खामपार, भटनी व मईल क्षेत्र में बारिश के बीच गिरी बिजली से नौ लोगों की मौत हुई है। सिद्धार्थनगर के इटवा क्षेत्र के तीन गांवों में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। कुशीनगर के सेवरही क्षेत्र के ग्राम सभा सिरसिया में युवक और संतकबीर नगर में खलीलाबाद क्षेत्र के गांव चकिया में बिजली गिरने से महिला की मौत हो गई। प्रयागराज में वज्रपात होने से पांच लोगों की मौत हो गई।
अंबेडकरनगर में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक युवक झुलस गया। बाराबंकी में दो लोगों की मौत हो गई जबकि दो झुलस गए। रायबरेली और बलरामपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि सुलतानपुर में बिजली की चपेट में आकर दो बच्चे झुलस गए।
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