सुबह करीब 4:30 बजे ग्राम बम्हौरा निवासी मेंबर सिंह का पुत्र अभिषेक चुर्खी मार्ग पर दौड़ लगा रहा था। गांव से बाहर पुलिया के किनारे रोने की आवाज सुनी तो नजदीक जाकर देखा तो कपड़े में लिपटा नवजात बिलख रहा था। अभिषेक जब उसे लेकर घर पहुंचा तो मां गोमती ने शिशु को अपनाते हुए कहा कि यह उसका दूसरा पुत्र है। ग्रामीणों के मुताबिक उसकी नाभि पर रुई लगी हुई थी, जिससे लग रहा था कि उसका जन्म किसी अस्पताल में हुआ है। रात करीब तीन बजे एक वाहन गुजरा था, संभव है कि वाहन से ही बच्चे को यहां छोड़ा गया।
गोद लेने को कई बढ़े आगे
गौरवर्ण के स्वस्थ बच्चे को जिसने भी देखा वह उसके मनमोहक रूप की चर्चा करने लगा। गांव के विश्वनाथ व मनोज सहित कई लोगों ने शिशु को गोद लेने की बात कही लेकिन गोमती ने कहा कि मेरा पुत्र अकेला था, अब दो भाई हो गए। इसका पालन पोषण हम खुद करेंगे।
खोजबीन में जुटी पुलिस
चुर्खी थाने से सब इंस्पेक्टर गौरव मिश्रा गांव पहुंचे और मामले की जानकारी ली। बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाबई में इस सप्ताह होने वाले प्रसव केस की डिटेल लेकर सत्यापन किया जाएगा।
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