जालौन उरई-------: (रिपोर्ट - अतुल शास्त्री भारत News Nation 24) उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में एक फर्जीवाड़ा सामने आया है जहां पर 4 युवक ने 10 लाख रुपए देकर रेलवे में नौकरी के नाम पर थमा दिए फर्जी नियुक्ति पत्र कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ था उसके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है रेलवे में नौकरी के नाम पर चार लोगों ने दो युवकों से दस लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। कोर्ट के आदेश के बाद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस जांच-पड़ताल में जुट गई है।
नदीगांव थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव निवासी रवि बघेल पुत्र रामसेवक बघेल ने शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। बताया कि वह नौकरी की तलाश कर रहा था तभी उसकी मुलाकात शहर के राजेंद्र नगर हनुमान चबूतरा निवासी रामकुमार पुत्र नन्हाई से हुई। उसने झांसा दिया कि वह उसकी रेलवे में नौकरी लगवा सकता है। उसने मोबाइल नंबर दिया और कुछ दिन बाद घर में बुलाया। वहां उसने विश्वास में लेते हुए पांच लाख रुपये ले लिए। घर पर पहले से गोविंद निवासी इंदिरानगर, मोहित राजेंद्र नगर व राजकुमार निवासी राजेंद्र नगर भी मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि वे भी अपने बच्चों की नौकरी के लिए पांच-पांच लाख रुपये दे चुके हैं और उनके ज्वानिंग लेटर भी आने वाले हैं। इसके कुछ दिन बाद वह अपने साढ़ू भाई सुरेंद्र पुत्र रामप्रकाश निवासी लाल घाटी थाना बिठौली जिला इटावा व रिश्तेदार प्रह्लादपाल पुत्र रामगोपाल निवासी थाना डकोर से भी पांच लाख रुपये जमा करा लिए। इसके बाद आरोपियों ने पहली अक्तूबर 2018 को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर लखनऊ में ज्वाइनिंग करने को कहा। जब वह लखनऊ पहुुंचा तो वहां पता चला कि पत्र फर्जी है। इसके बाद आरोपियों ने न पैसे वापस किए और न ही नौकरी लगवाई। इस पर उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
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