जालौन/ माधौगढ़--------: (रिपोर्ट शिवबालक सिंह राजावत भारत News Nation 24)उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन आपके संज्ञान में लाना है कि देश में कृषि कानूनों के विरूद्ध चल रहे आन्दोलन के समझौते के समय कुछ मुद्दो पर किसान संगठनों और सरकार के बीच सहमति बनी थी। जिसके समबन्ध में कृषि एवं कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल द्वारा 9 दिसम्बर 2021 को लिखित पत्र भेजा गया था। पत्र में सहमति के बिन्दु निम्न थेः-
1. माननीय प्रधानमंत्री जी की घोषणा के अनुसार किसानों को एमएसपी मिलनी सुनिश्चित किये जाने हेतु एक कमेटी का गठन किया जायेगा, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जायेगा।
2. किसान आन्दोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमें तत्काल प्रभाव से वापिस लिये जायेंगे। केस वापिस लेने की सहमति उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा सरकार द्वारा प्रदान की गयी है।
(2A). भारत सरकार से सम्बन्धित विभाग और एजेंसियों तथा दिल्ली सहित सभी संघशासित क्षेत्रों में आन्दोलनकारियों एवं समर्थकों पर दर्ज किये गये आन्दोलन सम्बन्धित सभी केस भी तत्काल प्रभाव से वापिस लेने की सहमति है। भारत सरकार अन्य राज्यों से भी अपील करेगी कि इस किसान आन्दोलन से सम्बन्धित दर्ज मुकदमों को वापिस लेने की कार्यवाही करेगी।
3. आन्दोलन के दौरान शहीद परिवारों को हरियाणा, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सैद्धांतिक सहमति दी है। पंजाब सरकार द्वारा भी इसकी सार्वजनिक घोषणा की गयी है।
4. बिजली बिल पर किसान पर असर डालने वाले प्रावधानों पर संयुक्त किसान मोर्चा से चर्चा के उपरांत ही बिजली बिल संसद में पेश किया जायेगा।
उपरोक्त विषयों पर सहमति के बावजूद भी आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गयी है। एमएसपी पर विचार के लिए कमेटी का गठन नहीं किया गया है। बिजली बिल पर भी कोई चर्चा नहीं की जा रही है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखण्ड सहित अन्य राज्यों में भी किसानों के मुकदमें वापिस नहीं किये गये हैं। भारत सरकार से सम्बन्धित केन्द्र शासित राज्यों (दिल्ली, चण्डीगढ़) के मुकदमें व रेलवे के मुकदमों को भी वापिस नहीं लिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित लखीमपुर की घटना में घायल किसानों को भी मुआवजा नहीं दिया गया है। लखीमपुर की घटना में संलिप्त अजय मिश्र टेनी की गिरफ्तारी नहीं की गयी है।
इन सब विषयों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा आज जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर विश्वासघात दिवस मना रहा है। आज प्रदर्शन के माध्यम से भारतीय किसान यूनियन/संयुक्त किसान मोर्चा भारत सरकार से मांग करता है कि 9 दिसम्बर 2021 को घोषित समझौते को लागू किया जाए अन्यथा किसानों का यह प्रदर्शन जारी रहेगा।
संलग्नः- भारत सरकार द्वारा भेजा गया संयुक्त किसान मोर्चा को पत्र।
भवदीय
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