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Monday, 14 November 2022

प्रेम प्रसंग, के मामले में ब्लैकमेलिंग से तंग आकर 33 वर्षीय दरोगा ने विषाक्त खाकर दी जान


उत्तर प्रदेश /कानपुर------( कानपुर संवाददाता के अनुसार भारत News Nation 24)सर्वोदयनगर स्थित निजी अस्पताल में जहर खाने वाले 33 वर्षीय जालौन निवासी दरोगा की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने एक महिला कांस्टेबल पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस का दावा है कि तीनों महिला सिपाहियों के छुट्टी के प्रार्थना पत्र में एक ही हैंडराइटिंग है।कानपुर में सल्फास खाने वाले दरोगा अनूप सिंह (33) की रविवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। पिछले चार दिन से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर चले गए। अभी तक परिजनों ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।दरोगा अनूप सिंह को बिकरू कांड में घायल भी हुए थे। सीएए के विरोध में हुई हिंसा में भी अनूप सिंह दंगाइयों से मोर्चा लिया था।।             आपको अवगत कराते चलें कि मूलरूप से जनपद जालौन निवासी अनूप सिंह 2015 बैच के दरोगा था। बिधनू थाने में तैनाती के दौरान 14 सितंबर को दो किशोर को पीटने के मामले में वह निलंबित हुए थे।बीते गुरुवार को अनूप सिंह ने सल्फास खा ली थी। तब से सर्वोदयनगर स्थित एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। एसीपी स्वरूपनगर वृजनारायण सिंह ने बताया कि रविवार देर रात करीब दो बजे अनूप की इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम में जहरीले पदार्थ से मौत होने की पुष्टि हुई है। सीओ सृष्टि सिंह मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले में कार्रवाई होगी।

ब्लैकमेलिंग से तंग आकर दी जान
एसपी तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि फजलगंज में तैनात एक महिला सिपाही से दरोगा प्रेम प्रसंग था। दरोगा के परिजनों ने पुलिस को बताया कि महिला सिपाही अनूप सिंह को ब्लैकमेल करती थी। इसी से त्रस्त होकर अनूप ने ऐसा कदम उठाया।

हालांकि अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। उनका कहना था कि शव का अंतिम संस्कार करने के बाद वह तहरीर देंगे। मामले में अनूप के परिजन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। अनूप के परिवार में उनकी पत्नी पूनम व दो साल का बेटा अयांश है।

तीन को छुट्टी पर भेजा, थानेदार पर भी सवाल
एसपी आउटर ने बताया कि जिस महिला सिपाही पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लग रहा है, उसके समेत तीन महिला सिपाहियों को घटना के बाद से छुट्टी पर भेज दिया गया। दावा किया कि तीनों के छुट्टी के प्रार्थना पत्र में एक ही हैंडराइटिंग है।

यही नहीं एसपी ने ये भी दावा किया कि बैकडेट में छुट्टी की अनुमति दी गई। उन्होंने थानेदार देवेंद्र दुबे पर भी भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि थानेदार आरोपों को निराधार बता रहे हैं। उनका कहना है कि छुट्टी के लिए घटना से पहले ही आवेदन किया गया था। उसी आधार पर छुट्टी दी गई।

अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच राजपत्रित अधिकारी से कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई होगी।  -बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर

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