जालौन उरई-----------:न्यायालय परिसर में नोवल कोरोना ( कोविड-19 ) न फैलने देने, इसकी रोकथाम और इससे बचाव के उपाय हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आज अपरान्ह 4ः30 बजे से जिला दीवानी न्यायालय, सभागार उरई में आहूत की गयी। इसमें जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका परिशद उरई और जिला अधिवक्ता संघ जालौन के साथ विचार- विमर्श किया गया। वादकारियों, विद्वान अधिवक्तागण व कर्मचारीगण की थर्मल स्कैनिंग एवं न्यायालय परिसर का सैनीटाईजेशन कराये जाने और अधिवक्ता भवन का सामूहिक उपयोग न करने आदि के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों से वार्ता की गयी और रोडमैप/एक्शन प्लान तैयार किया गया।
उक्त के सम्बन्ध में मा0 उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार मा0 जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा 06 न्यायिक अधिकारियों एवं 05 कर्मचारीगण की एक टीम का गठन किया गया है, जो मुख्य चिकित्साधिकारी / मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की सलाह से न्यायालय परिसर में नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) न फैलने देने के सम्बन्ध में निवारक एवं उपचारात्मक उपाय हेतु यथा-आवश्यक कार्यवाही करेगी।
मा0 जनपद न्यायाधीश श्री अशोक कुमार सिंह की ओर से यह अवगत कराया गया कि मा0 उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार आवश्यक न्यायिक कार्यों को छोड़कर अन्य नियमित न्यायिक कार्य को आगामी दिनांक-21.03.2020 तक के लिये स्थगित कर दिया गया है। तबतक के लिये सभी वादकारियों और जनसामान्य की न्यायालय में उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। इस सम्बन्ध में सभी विद्वान अधिवक्तागण को सूचित किया गया कि वह वादकारीगण को न्यायालय में न बुलायंे और किसी भी वादकारी/अधिवक्ता की अनुपस्थिति में न्यायालय द्वारा किसी भी प्रकरण में कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जायेगा। आवश्यक कार्यों हेतु कुछ विशेश न्यायालय नामित किये गये हैं। इसका आदेश आज निर्गत कर दिया गया है और इसकी सूचना सभी न्यायालयों एवं अधिवक्ता संघ को प्रेशित कर दी गयी है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 अल्पना बरतारिया ने बताया कि नोवल कोरोना वायरस ( कोविड-19 ) से पीडि़त मरीजों/संदिग्ध व्यक्तियों को आईसोलेशन तथा क्वारेंटाईन में रखे जाने के व्यापक इन्तजाम किये गये हैं तथा स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय है। 2------ स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी अपर सीएमओ. डाॅ0 सत्यप्रकाश द्वारा नोवल कोरोना (कोविड-19) न फैलने देने, इसकी रोकथाम और इससे बचाव के उपायों विस्तृत जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि इस बीमारी का अभी कोई इलाज / वैक्सीन नहीं है। इसलिये इससे बचने के लिये उन्होंने हाथों को धोने की विशेश प्रक्रिया जिसे सुमन-के की संज्ञा दी गयी है, अपनाने की सलाह दी और कहाकि समूह में न रहें व भीड़-भाड़ से बचें इस बैठक में समस्त न्यायिक अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी, अध्यक्ष व सचिव, जिला बार संघ, जालौन, अधिशाशी अधिकारी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर पालिका परिशद उरई की सहभागिता रही। इसी क्रम में जिले के बाह्य स्थित न्यायालय सिविल जज (जू0डि0) कोंच, कालपी व जालौन में भी नोवल कोरोना (कोविड-19) न फैलने देने, इसकी रोकथाम और इससे बचाव के उपाय हेतु समन्वय बैठकें सम्पन्न हुयीं। इनमें स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं नगर पालिका आदि के अधिकारी/प्रतिनिधि उपस्थित हुये। इनसे मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद और चिकित्सा अनुभाग -5, उ0प्र0 शासन द्वारा निर्गत निर्देशों के आलोक में आवश्यक विचार-विमर्श किया गया।
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