जालौन उरई-------: उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन विकासखंड डकोर के मुहम्मदाबादमें पानी की निकासी न होने के कारण मुहम्मदाबाद के कई किसानों की साठ बीघा फसल जलमग्न हो गई है। किसानों का कहना है कि पुलिया निर्माण न हो व अतिक्रमण होने कारण जलनिकासी न होने से कई बार यह समस्या हो चुकी है। जनवरी में भी जलभराव होने से कई किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। किसानों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि नुकसान होने के बावजूद दोनों ही बार कोई सर्वे करने नहीं आया।
मुहाना हाईवे के निर्माण के कारण कई पुलिया अधूरी पड़ी हैं। जिससे कई जगह जलनिकासी नहीं हो पाती है। जिसकी वजह से नहर व बारिश के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। कुसमिलिया नहर के कई जगहों पर जब पानी किसी कारण आगे नहीं जा पाया तो लौटकर पानी वापस आ गया और मुहम्मदाबाद के किसानों के खेतों में घुस गया। इसके चलते किसान विपिन, कल्लू, रामऔतार, पंकज, संतोष वर्मा, मुखिया, वीरेंद्र यादव, जसराम, मुकेश, किशन स्वरूप आदि की गेहूं, चना, मटर, सरसों की करीब साठ बीघा फसल जलमग्न हो गई।
इससे परेशान किसान अपने भाग्य को कोस रहे हैं। किसानों का कहना है कि किसी तरह पहली बार कर्ज लेकर बुवाई की थी, तब जनवरी में जलभराव होने के कारण फसल बर्बाद हो गई थी। दोबारा किसी तरह कर्ज लेकर फसलों की बुवाई आदि की थी और फसल पककर तैयार भी हो गई थी। अचानक हाईवे की पुलिया से जलनिकासी न होने के कारण फिर से जलभराव होने से फसल बर्बाद हो गई। अब किसान रात रात जागकर पानी निकासी के लिए परेशान है। जेई पीडब्ल्यूूडी भगवती प्रसाद ने कहा कि पुलिया के कारण किसानों को समस्या आ रही है। मामला संज्ञान में है, बजट आते ही पुलिया का निर्माण करा दिया जाएगा।दो बार हो चुका है नुकसानकिसान पंकज का कहना है कि उन्होंने तीन बीघा फसल बलकट पर ली थी और बुवाई की थी लेकिन दो-दो बार नुकसान हो गया। अब ऐसी हालत में घर में आर्थिक संकट पैदा हो गया है। सरकार की तरफ से नुकसान का मुआवजा तो दूर कोई सर्वे करने तक नहीं आया है।किसानों के विरोध की अनदेखी की गईकिसान विक्रम का कहना है कि हाईवे बनाया गया है, इसमें किसानों के विरोध की अनदेखी की गई है। जिसका खामियाजा अब किसान भुगत रहे है। पहले पुलिया बनी थी, जिससे एक से दूसरे गांव का पानी निकल जाता था, अब पुलिया अधूरी होने से परेशानी हो रही है।
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