जालौन उरई--------: उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के रोड पर मुहम्मदाबाद के पास हाईवे निर्माण के दौरान बंद की गई पुलिया के कारण नहर व रजबहे का पानी अब गांवों की गलियों में घुस रहा है। जिससे ग्रामीणों का आवागमन भी बाधित बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नई पुलिया बनकर तैयार है लेकिन अभी उसे चालू नहीं किया गया है। पुलिया बंद होने से गांव के पास ही पानी रुक गया है और गांव में जलभराव की स्थिति बनी है।
बता दें कि डकोर ब्लॉक के अंतर्गत उरई से मुहाना तक स्टेट हाईवे प्रस्तावित है। काफी समय बाद अब हाईवे का काम शुरू हुआ है तो ग्रामीणों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रोड पर पहले जहां पर पुलिया थी, वहां पुलिया बंद कर सीधे हाईवे निकाला जा रहा है। इससे नाले का पानी जो पहले बहकर एक ओर से दूसरी ओर निकल जाता था, अब लौटकर गांव की ओर आ रहा है। जिसके चलते गांव की गलियां व मुख्य रास्ते जलमग्न हैं।
जलभराव से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है। कहीं कहीं पर तो दीवार के सहारे रास्ता तय करना पड़ रहा है। जलभराव होने से गांव में मच्छरों की भी भरमार हो गई है। ग्रामीण सियासरन वर्मा, सत्य नारायण, ख्याली, राजा अतरौलिया आदि ने बताया कि बिना बरसात के ही घरों के दरवाजों पर जलभराव बना रहता है। दिन में तो जैसे तैसे काम चल जाता है लेकिन रात में अक्सर अंधेरे के कारण वाहन सवार जलभराव में गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द ही एसडीएम से मामले की शिकायत पानी निकासी की मांग की जाएगी।
खेतों में भी पहुंच रहा पानी
पुलिया बंद होने के कारण गांव को जाने वाला रजबहों व नहरों का पानी आसपास के खेतों में भी घुस रहा है। जिससे किसानों की फसलें खराब हो रही हैं। पूरे दिन किसान भरे हुए पानी को निकालने के लिए रास्ता बनाते नजर आते हैं। किसानों का कहना है कि हाईवे के अधिकारी भी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
बता दें कि डकोर ब्लॉक के अंतर्गत उरई से मुहाना तक स्टेट हाईवे प्रस्तावित है। काफी समय बाद अब हाईवे का काम शुरू हुआ है तो ग्रामीणों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रोड पर पहले जहां पर पुलिया थी, वहां पुलिया बंद कर सीधे हाईवे निकाला जा रहा है। इससे नाले का पानी जो पहले बहकर एक ओर से दूसरी ओर निकल जाता था, अब लौटकर गांव की ओर आ रहा है। जिसके चलते गांव की गलियां व मुख्य रास्ते जलमग्न हैं।
जलभराव से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है। कहीं कहीं पर तो दीवार के सहारे रास्ता तय करना पड़ रहा है। जलभराव होने से गांव में मच्छरों की भी भरमार हो गई है। ग्रामीण सियासरन वर्मा, सत्य नारायण, ख्याली, राजा अतरौलिया आदि ने बताया कि बिना बरसात के ही घरों के दरवाजों पर जलभराव बना रहता है। दिन में तो जैसे तैसे काम चल जाता है लेकिन रात में अक्सर अंधेरे के कारण वाहन सवार जलभराव में गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द ही एसडीएम से मामले की शिकायत पानी निकासी की मांग की जाएगी।
खेतों में भी पहुंच रहा पानी
पुलिया बंद होने के कारण गांव को जाने वाला रजबहों व नहरों का पानी आसपास के खेतों में भी घुस रहा है। जिससे किसानों की फसलें खराब हो रही हैं। पूरे दिन किसान भरे हुए पानी को निकालने के लिए रास्ता बनाते नजर आते हैं। किसानों का कहना है कि हाईवे के अधिकारी भी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं।


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