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Sunday, 29 March 2020

कंधे पर छोटा बच्चा पीठ पर लदा सामान थक हार कर हुए चूर

 उरई---------- : उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन सिर पर मासूम, कंधे पर सामान से भरा बैग और पीछे चलते स्वजन। काम-धंधा बंद हुआ तो घर लौटने का जतन किया। साधन नहीं मिला तो पैदल ही चल दिए। हाईवे पर जो साधन मिला उस पर सवार हो गए। जहां उतारा, वहां से फिर मासूमों और बच्चों के साथ वीरान सड़क पर रास्ता नापा। किसी तरह उरई पहुंचने वालों ने अपना दर्द तो बयां किया पर हालात को देखते हुए हौसला नहीं तोड़ा। बस एक ही बात, कोई बात नहीं, खेती-बाड़ी कर लेंगे। यह भी बताया कि कुछ दिन बाद आना ही था, हां तकलीफ जरूर हुई पर हिम्मत नहीं टूटी है। जिला प्रशासन द्वारा कोंच बस स्टैंड पर उन लोगों को वाहनों से गंतव्य को भेज दिया गया, जो दूसरे जिलों के थे। करीब सात सौ लोग विभिन्न जगहों से पहुंचे, जिनको बस से भेजा गया। समाजसेवियों ने पानी और बिस्कुट आदि की व्यवस्था की। एसडीएम सत्येंद्र कुमार व सीओ संतोष कुमार ने शारीरिक दूरी बनाए रखने की कवायद की।

जिला मुख्यालय के कोंच बस स्टैंड पर रविवार की सुबह बड़ी संख्या में लोग विभिन्न साधनों से पहुंचे। उनकी संख्या भी ज्यादा थी, जो पैदल ही सफर करने को मजबूर हुए। नोएडा से आए झांसी के समथर निवासी अर्जुन अपनी पत्नी संगीता और आठ साल की बेटी चाहत के साथ बदहवास हालत में बैठे थे। बताया कि एक कंपनी में काम करते थे, बंदी के दौर में आना पड़ा। पैसे से खाली हो चुके थे। रास्ते में कई साधन बदले और लंबी दूरी पैदल भी तय की। पूरी रात भूख से तड़पता रहा बेटा

आटा : बस स्टैंड पर रविवार दोपहर परासन निवासी अखिलेश उनकी पत्नी रोशनी के साथ निठाल होकर बैठे थे। यहां भी कोई वाहन नहीं मिला तो पैदल ही चल दिए। अखिलेश ने बताया कि दिल्ली से कई लोग ट्रैक्टर से यहां पहुंचे हैं, बाकी के लोग मध्य प्रदेश चले गए। भूखे पेट चले थे, बीच बीच में पुलिस द्वारा खाना मिला तो उसे खाकर यहां तक पहुंचे। नहीं हुई कहीं जांच, पहुंच गए घर

कुठौंद : हरियाणा के नौरंगपुर में पानी पूड़ी का धंधा करने वाले प्रेमचंद पाल, नेकसिंह पाल, महेंद्र पाल, आरती, रविकांत, सोनू होली बाद ही गए थे। बताया कि किराए से कमरा व भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया। कुछ दूर पैदल चलकर दिल्ली पहुंचे और वहां से बस से आगरा फिर कुछ डग्गामार वाहनों से चलकर औरैया पहुंचे, वहां से पैदल ही अपने घर कदौरा के कठपुरवा व ग्राम सरसेला जा रहे हैं। सीएचसी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

जालौन : मोहल्ला धर्मशाला निवासी रघुवीर राठौर अपनी पत्नी कमला व पुत्र रोहित व मोहित के साथ बलिया में रहकर काम करते हैं। घर आने पर वह रास्ते में हुई परेशानियों को भूल गए। कहा कि कोई बात नहीं, जान है तो जहान है। यहीं पर खेती-बाड़ी कर गुजरबसर कर लेंगे।

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