पुलिस अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आज तक जिले में कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला है। निजामुद्दीन मरकज से जुड़ा भी कोई सदस्य जिले में नहीं मिला जो एक मार्च के बाद निजामुद्दीन गया हो। कहा, जमातियों के विषय में जालौन की नूरानी मस्जिद में 11 व्यक्ति मिले थे। उन्हें वहीं पर क्वारंटाइन किया गया। इसी तरह कोंच के मोहल्ला भगत सिंह नगर में अंसारियान मस्जिद में जमात के 11 लोग मिले। इनकी थर्मल स्क्रीनिग करायी गई और 14 दिन के लिए क्वारंटाइन किया गया। कालपी के गुलौली में बगिया मस्जिद में 14 लोग मिले थे। उन्हें भी मस्जिद में 14 दिन के लिए क्वारंटाइन किया। चार लोगों के सैंपल लेकर परीक्षण कराया गया, लेकिन कोई कोरोना से संक्रमित नहीं निकला। यह जमाती एक मार्च से कहीं नहीं गए। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज पर उनका जाना नहीं पाया गया। इनका क्वारंटाइन का समय भी पूरा हो गया है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से गंतव्य तक वे नहीं पहुंचाए जा सके हैं। दिल्ली एसटीएफ से मिले मोबाइल नंबरों को स्थानीय सर्विलांस ने किया चेक
जालौनउरई ---------: उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन इस समय वैश्विक महामारी के चलते पूरा देश लॉक डाउन में तब्दील है जहां पर कोरोना वायरस कोविड19 के संक्रमण से लोग डरे सहमे हुए हैं जिले में 36 जमातियों की मौजूदगी की रिपोर्ट से अफरातफरी मची है। शासन ने इसे संवेदनशीलता से लेते हुए जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है, जालौन पुलिस अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार ने प्रेस वार्ता में अवगत कराया कि अभी तक जिले में निजामुद्दीन मरकज से जुड़ा एक भी व्यक्ति नहीं मिला है। अन्य जमात के जो 36 लोग मिले उन्हें मस्जिदों में क्वारंटाइन किया गया है। सभी की मेडिकल रिपोर्ट आ चुकी है। कोई भी कोरोना से संक्रमित नहीं पाया गया है।
एसपी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि दिल्ली पुलिस की एसटीएफ ने जिले में 160 संदिग्धों के नंबर ट्रेस कर मुहैया कराए थे। इसके बाद स्थानीय सर्विलांस से उनकी जांच की गई। कोई व्यक्ति तबलीगी जमात का नहीं मिला है। खुफिया तंत्र लगातार सक्रिय है, बाहर से आने वाले एक एक व्यक्ति की निगरानी की जा रही है।
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