आगरा--------: उत्तर प्रदेश कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम को लोग मास्क लगा रहे हैं। इन मास्क को घर पर रख देते हैं, दूसरे दिन उसी मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे भी संक्रमण फैलने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार मास्क का इस्तेमाल एक बार ही कर सकते हैं। मास्क को इस्तेमाल करने के बाद कूड़े में ना फेंके, बायोमेडिकल वेस्ट में फेंके, घर पर घोल बनाकर उसमें इस्तेमाल किया गया मास्क डालने के बाद नष्ट करें।
आइसोलेशन वार्ड में इस तरह नष्ट किया जा रहा वेस्ट

सर्जिकल मास्क - चार से छह घंटे तक काम करता है
एन 95 मास्क - छह से आठ घंटे तक काम करता है
बाजार में उपलब्ध ट्रिपल, डबल लेयर मास्क - यह वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए हैं। ये वैज्ञानिक तरीके से परखे नहीं गए हैं।
इन्हें मास्क इस्तेमाल करने की जरूरत
- कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति, उसका इलाज कर रहे डॉक्टर और पास जा रहे लोग एन 95 मास्क लगाएं।
- हॉस्पिटल में इलाज कर रहे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ सर्जिकल मास्क पहन सकते हैं।
- जिन लोगों को सर्दी जुकाम है वे मास्क लगा सकते हैं, मुंह पर रूमाल बांध सकते हैं।
इस तरह घर पर बनाएं घोल
एक फीसद हाइपो क्लोराइट और ब्लीचिंग पाउडर का घोल तैयार कर लें। इसमें 30 मिनट तक इस्तेमाल किया हुआ मास्क डुबोकर रखे, इससे बैक्टीरिया और वायरस नष्ट हो जाएंगे। इसके बाद कूड़े में फेंक सकते और अन्य तरीके से नष्ट कर सकते हैं।
गर्भवती महिलाएं घर पर ही रहें, कोई परेशानी नहीं है तो नियमित चेकअप के लिए डॉक्टर के पास भी ना जाएं। कुछ समय के लिए सामान्य मरीज भी बाहर निकलने से बचें।
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