जालौन उरई ----------:उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन जहां पर पूरा विश्व कोरोना वायरस के संक्रमण से वैश्विक महामारी से जूझ रहा है वहीं उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन में गरीबों के हक पर डाका डालने की हर कोशिश अंजाम दी जा रही है। एक तरफ जहां कोटेदारों की मनमानी से लोग परेशान हैं, वहीं ऐसी जमात भी सामने आ खड़ी हुई है, जिनकी रसोई खाद्यान्न से भरी है, पर गुहार भूखा पेट होने की लगाई जा रही है। यह भीड़ जरूरतमंदों के हक पर डाका डालते नजर आ रहे हैं। बुधवार की सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं जिलाधिकारी आवास के बाहर पहुंच गईं। जमावड़े की सूचना पर प्रशासनिक अमला पहुंचा और समस्याएं दर्ज कीं। किसी ने कोटेदार द्वारा कम राशन देने, किसी ने लौटाने की बात कही तो उनकी संख्या अधिक रही, जो छोटे बच्चों का हवाला देकर खाली पेट का रोना रो रही थीं। टीम के साथ पहुंचे कोतवाल भीड़ के बीच से दो पुरुषों को बस्ती में ले गए तो घरों में अलग ही नजारा मिला। गैस चूल्हे पर अंडे की भुजिया और पका दाल-चावल कलई खोल रहा था। ऐसे लोगों को मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी गई।
हुआ यह कि शीतला माता मंदिर के पास की बस्ती की महिलाएं बच्चों संग डीएम आवास के पास पहुंच गईं। भीड़ में शांतिनगर, राजेंद्र नगर, नया पटेलनगर की महिलाएं भी थीं। नया पटेल नगर निवासी सुशील कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन है और एजेंसी मालिक ने सिलिंडर देने से मना कर दिया। ब्लैक में खरीदने का दबाव है। सुनैना देवी, केसर, रेखा, सुनीता, सुर्कतुन, श्वेता, प्रगति आदि ने घर की खाली रसोई का हवाला देते हुए कोटेदार द्वारा राशन नहीं देने की शिकायत की। दो को बैठाया गाड़ी में, घर-घर की हुई जांच
कोतवाल शिवगोपाल वर्मा महिला सिपाही प्रगति शर्मा व टीम से साथ मौके पर पहुंचे। आसिफ समेत दो युवकों को गाड़ी में बैठाया। कहा कि जब हर जरूरतमंद के घर-घर राशन पहुंचाया गया है, तो आप छूट कैसे गए। बस्ती में जाकर जांच की तो लोगों के यहां राशन मौजूद मिला। पता चला कि सभी को लाभ मिला है। रसोई से चावल के कनस्तर भरे निकले। गेहूं की मांग किए जाने पर कोटेदार के यहां से लेने को कहा गया
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