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Wednesday, 29 July 2020

. सीजनल सर्दी जुखाम से बढ़ती रोग प्रतिरोधक क्षमता---.डॉ.देबाशीष डांडा

लखनऊ --------: उत्तर प्रदेश   वैश्विक महामारी     कोरोना वायरस संक्रमण कोविड-19 के चलते आपको बताते चलें क्या आपको भी अक्सर सर्दी जुकाम की शिकायत हो जाती है? फिक्र ना करें। कोविड-19 के विरुद्ध शरीर को इससे इम्यूनिटी मिल रही है। जी हां, संजय गांधी पीजीआई के पूर्व व सीएमई वेल्लोर के इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ.देबाशीष डांडा कहते हैं कि हम भारतीयों में सर्दी जुखाम होना मामूली बात है। डॉ. डांडा कहते हैं कि इसे सीजनल  कोरोना कहते हैं। सर्दी जुकाम होने पर शरीर में इससे लड़ने के लिए एंटीबॉडी और टी सेल्स बनते हैं। एंटीबॉडी कुछ समय बाद खत्म हो जाती हैं लेकिन टी सेल्स शरीर में मौजूद रहते हैं। यही टी सेल्स हमें कोविड-19 जैसे इंफेक्शन से बचाने के लिए भी इम्यूनिटी प्रदान करते हैं। कोविड-19 के लिए बनाई जा रही वैक्सीन  भी टी सेल्स पर आधारित हैं। यही वजह है कि यदि किसी के शरीर में एंटीबॉडी नहीं भी मिले तो चिंता की बात नहीं क्योंकि संक्रमण के बाद उसमें टी सेल्स मौजूद रहते हैं जो इम्यूनिटी देते हैं। देखा जा रहा है कि भारत में कोरोना संक्रमण के मामले  उतने गंभीर नहीं जितने कि पश्चिमी देशों में हो रहे हैं। देश में मृत्युदर भी पश्चिमी देशों के मुकाबले बहुत कम है।इसकी प्रमुख वजहों में से एक भारतीयों में समय-समय पर होने वाला सीजनल कोरोना भी है जिससे हमें इम्युनिटी मिलती  है। इससे पहले जो सार्स और मार्स इंफेक्शन भी आए थे उनका भी असर भारत में अपेक्षाकृत कम देखा गया था। डॉ. डांडा कहते हैं कि भारतीयों में क्रॉस प्रोटेक्शन इम्यूनिटी से भी कोविड-19 ज्यादा मारक नहीं हो पा रहा है। क्रॉस प्रोटेक्शन यानी अलग-अलग पैथोजेंस से होने वाले इन्फेक्शन से लड़ने के लिए हमारा शरीर एंटीबॉडी तैयार करता रहता है।यह एंटीबॉडीज भी कोरोना संक्रमण के खिलाफ प्रोटेक्शन दे रही हैं। हाइजीन हाइपोथेसिस पर डॉ.डांडा कहते हैं कि हम बहुत ज्यादा साफ-सुथरे हाइजीन वाले एंवायरमेंट में नहीं रहते। जिसके चलते बीमारी पैदा करने वाले तमाम पैथोजेंस से पैदा होने के बाद से ही हमारा सामना होता रहता है। यह भी हमारी इम्यूनिटी मजबूत करने में मददगार साबित हो रहे हैं।

हालांकि वह साफ कहते हैं कि इसका यह मतलब नहीं कि हम बेफिक्र हो जाएं। हमें बचाव के सभी उपाय जैसे मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पालन करना होगा। डॉ. डांडा कहते हैं कि आमतौर पर 99 फीसद मामलों में होने वाला सर्दी जुखाम सीजनल कोरोना है जो अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन यदि सर्दी जुकाम के साथ कोविड-19 के लक्षण जैसे सांस लेने में दिक्कत होना, स्वाद ना आना, सुगंध ना पहचानना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।

Report- J P duvedi Bharat News Nation 24 Lucknow

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