15 अगस्त 1947 की आधी रात जब पूरा भारत सो रहा था, तब देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भारत में आजादी की घोषणा की जब देश 15 अगस्त, 1947 को आजादी का जश्न मना रहा था तो देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी इसमें शामिल नहीं थे. दरअसल, उस समय वे पश्चिम बंगाल के नोआखली में हो रहे हिंदू-मुस्लिम के सांप्रदायिक हिंसा को समाप्त करने के लिए अनशन पर बैठे थे दरअसल, 17वीं शताब्दी में शाहजहां द्वारा बनाया गया लाल किला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शक्ति के प्रतीक के तौर पर देखा जाने लगा. हालांकि, ब्रिटिश शासन के दौरान कुछ समय के लिए इसकी अवहेलना की गई. लेकिन, आजादी से पहले, यह फिर से भारतवासियों के लिए महत्त्वपूर्ण हो गया. अंग्रेजों ने भारतीय सेना के तीन सैनिक, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, उनके कोर्ट मार्शल के आयोजन स्थल के रूप में लाल किले को ही चुना था. जब नेहरू प्रधानमंत्री बने तो अपने देशवासियों को संबोधित करने के लिए इसी स्थान को चुना. 15 अगस्त 1947 को लाल किले से तिरंगा नहीं फहराया गया था. उसके वजाय नेहरू ने 16 अगस्त 1947 को लाल किले से तिरंगा झंडा फहराया था.
जालौन उरई ---------: उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण कोविड-19 के बीच आज भारत ने अपना 74 वां स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए ऑफिसर कॉलोनी रोड मां आनंद ईश्वरी दिव्य धाम मैं बच्चों ने ध्वजारोहण कर 74 वां स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान गाया व मिठाइयां बांटी लगभग 200 वर्षों की गुलामी के बाद ब्रिटिश शासन के चंगुल से भारत को 15 अगस्त, 1947 को आजादी मिली. देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों व वीर सपूतों ने इस आजादी के लिए अपना पूरा जीवन न्योछावर कर दिया. आज देश ने 74वां स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया. ऐसे में आपको भी मालूम होनी चाहिए स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी कुछ बेहद दिलचस्प बातें..
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