कोरोना संक्रमण के चलते जनपद में मार्च माह से माध्यमिक विद्यालयों का संचालन बंद हैं। इससे करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं का शैक्षिक भविष्य चौपट हो रहा है। नियमों के चलते वह कोचिग भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। पहले शासन ने ऑनलाइन क्लासेज की शुरुआत, लेकिन शिक्षकों की लापरवाही से इसमें सफलता नहीं मिली। अब शासन ने सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में बर्चुअल स्कूल व ई-ज्ञान गंगा के जरिए पठन-पाठन की प्रक्रिया शुरू की है। डीआईओएस ने इसके लिए जिले में दस शिक्षकों को नोडल अधिकारी नामित किया है। वह सभी वर्चुअल स्कूलों की निगरानी करेंगे। इसके तहत कक्षा 9 व 11 में स्वयं प्रभा चैनल-22 (डीटीएच, डिस टीवी तथा जियो टीवी एप) में सुबह 11 बजे से एक बजे तक कक्षाओं का प्रसारण किया जाएगा। शाम को साढ़े चार बजे से साढ़े छह बजे तक कक्षाएं चलेंगी। कक्षा 10 व 12 में दूरदर्शन, उत्तर प्रदेश (डीडी यूपी) में दोपहर एक से दो बजे तक, ढाई बजे से तीन बजे तक, साढ़े तीन बजे से पांच बजे तक तथा साढ़े पांच बजे से साढ़े छह बजे तक क्लासेज चलेंगी और वर्चुअल क्लासेज स्कूल संचालित करेंगे। प्रधानाचार्य अपने विद्यालय के नोडल रहेंगे। वह शिक्षकों की मानीटिरिग करेंगे। उधर, डीआईओएस कार्यालय में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां से सभी विद्यालयों में निगरानी रखी जाएगी। डीआईओएस ने बताया कि कंट्रोल रूम में यहां निगरानी के लिए तीन शिक्षक रखे गए हैं। यह देखेंगे कि कौन से क्लास चल रहे हैं। शिक्षक कनेक्शन में हैं या नहीं। ग्राम स्तर पर भी प्रधान से मिलकर वहां पर ग्राम पंचायतों में टीवी आदि उपलब्ध कराए जाएंगे। उसके लिए शिक्षक संघ ठकुराई व शर्मा गुट से बैठक की है। संघ के जरिए भी स्कूलों में व आसपास के गांवों में यह व्यवस्था करवा रहे हैं। सभी जगह होर्डिंग भी लगवाई जा रही हैं।
बांदा : उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद बांदा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए ऑनलाइन क्लासेज में हो रही लापरवाही के चलते छात्र-छात्राओं की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में शासन ने अब वर्चुअल कॉलेज संचालित करने का निर्णय लिया है। डीआईओएस ने सोमवार को शिक्षक संघों के साथ संचालन संबंधी निर्देश जारी किए। उन्होंने जिले में दस नोडल अधिकारी भी निगरानी के लिए नामित किए हैं।
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