उरई जालौन -------:(रिपोर्ट -शिवबालक सिंह राजावत भारत News Nation 24)उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के माधौगढ़ मैं आरक्षण सूची जारी होते ही जिले में सैकड़ों गांव ऐसे है, जहां पहली बार कम आबादी वाली जाति को गांव का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। जिले में माधौगढ़ तहसील की ऐसी ही एक ग्राम पंचायत रामहेतपुरा है। स्थिति यह कि गांव में कुल पिछड़ी जाति के 65 मतदाता हैं लेकिन इसके बाद भी इस गांव की सीट पिछड़ी जाति महिला के लिए आराक्षित कर दी गई है। इस परिवर्तन से पिछड़ी जाति के लोग जहां उत्साहित हैं वहां एससी जाति के लोगों में नाराजगी बताई जाती है।बता दें कि माधौगढ़ विधान सभा क्षेत्र के ग्राम रामहेतपुरा में आजादी से पहली बार ग्राम पंचायत चुनाव में प्रधान पद, पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। अब तक इस गांव में सिर्फ एससी कोटे से ही प्रधान बना है। हालांकि बीच में कुल चार बार यह सीट सामान्य कोटे में गई, लेकिन इसके बाद भी गांव में प्रधानी एससी जाति के ही खाते में गई। सीट के बदलाव होने से गांव में चंद परिवारों के बीच से ही दावेदार होगी। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2011 की जनगणना में ग्राम पंचायत रामहेतपुरा की आबादी दो हजार के आसपास हैं। इसमें कुल 953 मतदाता हैं। इनमें एससी वर्ग के 795, सामान्य वर्ग के 93 व पिछड़ा वर्ग के 65 मतदाता हैं।
बसपा सरकार में रामहेतपुरा गांव में एससी आबादी को देखते हुए सरकार ने इस गांव को आंबेडकर गांव भी घोषित कर दिया था। गांव में सचिवालय, पंचायत घर आदि बना दिए गए। इस बार पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए प्रधान पद आरक्षित होने से कम मतदाता वाले वोटरों में उत्साह है। उनका कहना है कि परिर्वतन से हमेशा से उपेक्षा में रही जाति के लोगों को भी नेतृत्व करने का मौका मिला और गांव का विकास होगा। वहीं एक वर्ग इस परिवर्तन को बेवजह बता रहा है।
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