जालौन-------: (रिपोर्ट -अतुल शास्त्री भारत News Nation 24)उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद झांसी शराब कारोबारी मंशाराम शिवहरे 26 फरवरी को जेल से छूटकर घर आए थे। 9 मार्च को अचानक लापता होने के बाद नहर में शव मिलने के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है। तीन घंटे भांडेर तिराहा पर जाम लगा रहा। पुलिस को भी समझाने में पसीना छूटता रहा। गांव में तनाव देखते हुए कई थानों का फोर्स तैनात है।
मंशाराम शिवहरे साझेदारी में शराब का कारोबार करते थे। अक्तूबर 2020 में शराब की तस्करी के मामले में जालौन पुलिस ने मंशाराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब चार माह जेल में रहने के बाद वह छूटकर घर आए थे। परिजनों ने गलत फंसाए जाने का आरोप भी लगाया था। 26 फरवरी को जेल से आने के बाद वह काफी गुमसुम रहने लगे।
9 मार्च को अचानक लापता होने के बाद परिजन परेशान हो गए। काफी खोजबीन के बाद पता नहीं चल सका था। इसके बाद परिजनों ने अनिल व अतुल पर अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। पत्नी के साथ घर में बड़ी बेटी खुशी, छोटी बेटी मुस्कान और छह साल का बेटा कन्नू रहते थे। हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में है। इधर, एसएसपी दिनेश कुमार पी ने भी घटनास्थल पहुंचकर निरीक्षण किया। इसके बाद परिजनों से मुलाकात कर हर संभव कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
अच्छी दोस्ती के बीच पैदा हो गई थी दरार
मृतक मंशाराम व अनिल शिवहरे अच्छे दोस्त थे। यह दोनों साझेदारी में झांसी व जालौन जिले में शराब की दुकानें चलाते थे। पिछले साल दोेनों के बीच लेनदेन को लेकर संबंध खराब हो गए थे। अक्तूबर माह में अचानक शराब की तस्करी में मंशाराम के जेल जाने के बाद संबंधों में और भी दरार आ गई थी। मंशाराम के घर वाले अनिल शिवहरे पर संदेह जता फर्जी फंसाए जाने का आरोप लगा रहे थे।
मोबाइल था घर पर, परेशान हुई पुलिस
वह मोबाइल घर पर ही छोड़कर निकले थे। ऐसे में पुलिस को खोेजने में काफी परेशानियां आईं। मोबाइल न होने के कारण पुलिस लोकेशन ट्रेस नहीं कर पा रही थी। हालांकि, पुलिस ने मोबाइल पर आने वालीं कॉल भी खंगालीं, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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