उरई जालौन------:( रिपोर्ट -अतुल शास्त्री भारत News Nation 24) उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के उरई कोटरा जर्जर सड़क से उड़ने वाली धूल से आसपास के खेतों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। इससे गुस्साए किसानों ने गुरुवार की दोपहर उरई कोटरा मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि मौरंग खदान को आने जाने वाले ट्रकों के कारण ही सड़क का बुरा हाल है। इससे उन्हें हर साल नुकसान का सामना करना पड़ता है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों की बात एसडीएम से कराई, तब जाकर करीब पांच घंटे बाद जाम समाप्त हो सका। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रही।
आपको अवगत कराते चलें कि कोटरा के बरसार मोड़ से कोटरा थाने तक सड़क पक्की न होने से बड़े वाहनों के चलने से उड़ने वाली धूल से किसानों की फसलें खराब हो रही है। जिससे आक्रोशित बरसार, कमठा, कोटरा, गोरन के लगभग दो सैकड़ा किसानों ने गुरुवार की दोपहर तीन बजे उरई कोटरा मार्ग पर आड़ी तिरछी मेजें लगाकर जाम लगा दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। जाम लगने से बालू खदानों पर आ जा रहे ट्रक व अन्य छोटे-बड़े वाहन बीच रास्ते में ही खड़े हो गए। सूचना पाकर कोटरा थानाध्यक्ष सुधांशु पटेल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया। वहीं किसान उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। थानाध्यक्ष ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी।
किसानों का आरोप है कि उरई कोटरा मार्ग पर ग्राम बरसार से कोटरा थाना मोड़ तक तीन किलोमीटर कच्ची सड़क दो वर्षों से पड़ी हुई है, इसी कच्ची सड़क से प्रतिदिन बालू खदानों से सैकड़ों ट्रक आते जाते हैं। इससे दिन रात धूल उड़कर खेतों में खड़ी फसलों पर जाती है और उन्हें नुकसान पहुंचाती है। कई शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आखिर में देर शाम सात बजे के आसपास इंस्पेक्टर ने अपने फोन से किसानों की बात एसडीएम सतेंद्र कुमार से कराई। एसडीएम ने किसानों को आश्वसन दिया है कि वे मौरंग के ठेकेदारों को निर्देश देंगे कि फिलहाल सड़क पर बजरा डालकर पानी का रोजाना छिड़काव किया जाए। इतना ही नहीं अधिकारियों से वार्ता से रोड को फिर से बनवाने का भी प्रयास किया जाएगा। तब जाकर कहीं रात आठ बजे के आसपास जाम हटा और वाहनों का रेंगना शुरू हो सका
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