उरई जालौन-------:(रिपोर्ट शिवबालक सिंह राजावत भारत News Nation 24 )उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के माधौगढ़ मैं डीएम प्रियंका निरजंन ने अधीनस्थों को निर्देश देते हुए कहा कि मौके पर जाकर शिकायतों का निस्तारण करें ताकि शिकायतकर्ता अनावश्यक भागदौड़ से बच सके। शिकायतों के निस्तारण में कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी। यह बात तहसील समाधान दिवस के शिकायतें सुनने के दौरान दौरान कही।
तहसील समाधान दिवस में कुल 125 शिकायतें आई, जिसमें छह का निस्तारण कर दिया गया। तहसील दिवस में हरौली निवासी रिटायर फौजी जयसिंह ने शिकायत की कि दो वर्षो से चकरोड को जोतकर ध्वस्त कर दिया गया है। मना करने पर लड़ने को उतारू हो जाते हैं। डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराने के निर्देश एसडीएम को दिए। चांदनपुरा निवासी पवन ने शिकायत देते हुए बताया कि सरकारी हैंडपंप पर पडोसी समरसेबल डाले हैं जिससे पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। डीएम ने एडीओ पंचायत रामपुरा रामकुमार को निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र समर निकाल दी जाए।
मल्लाहनपुरा निवासी मिलन ने शिकायत की कि पति सौरभ समेत ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे हैं। दहेज न देने पर घर से निकाल दिया गया है। सुल्तानपुरा निवासी आज्ञाराम समाधिया ने शिकायत देते हुए बताया कि बिजली का मीटर नहीं लगाया गया फिर भी 28 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया है। बिलौड़ निवासी दिव्यांग रामलखन ने शिकायत की कि पात्र होने के बाद भी आवास नहीं दिया गया। डीएम ने बीडीओ रामपुरा को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी डॉ यशवीर सिंह, सीडीओ अभय कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सालिकराम, तहसीलदार प्रेमनारायण प्रजापति, नायब तहसीलदार चद्रकांत तिवारी, सीओ आरपी सिंह, बीडीओ दीपक कुमार समेत अधिकारी मौजूद रहे।
पिछले संपूर्ण समाधान दिवसों की तमाम अनिस्तारित पड़ी समस्याओं को लेकर नाराज एसडीएम ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की क्लास लगाते हुए कहा, इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस विभाग की समस्या का समाधान नियत समय में नहीं होगा उसके खिलाफ डीएम को रिपोर्ट की जाएगी।
तहसील सभागार में मार्च माह का पहला संपूर्ण समाधान दिवस एसडीएम अशोक कुमार की अध्यक्षता व सीओ राहुल पांडे तथा तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान 19 शिकायतें आईं लेकिन एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। इनमें आवास, बिजली, पानी, चकरोड, गूल आदि से जुड़ी शिकायतें रहीं। ग्राम परैथा निवासी रामदेवी बताया कि उसका पति 15 साल से लापता है जिसके कारण उसे अपना औैर बच्चों का भरण पोषण करने मेें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पति की संपत्ति उसके नाम हस्तांतरित नहीं होने से उसे सूखा राहत, किसान सम्मान निधि आदि सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इस दौरान कोतवाल बलिराज साही, एसआई नदीगांव सुरेंद्रसिंह, एट से एसआई कमलनारायण सिंह, कोटरा से एसआई राजेश कुमार सिंह, कैलिया से एसआई राकेश कुमार, वन क्षेत्राधिकारी अंगदसिंह, आपूर्ति निरीक्षक मनोज तिवारी, बीईओ विजयबहादुर सचान, सीडीपीओ वंदना वर्मा, एसडीओ विद्युत गौरव कुमार, बीडीओ कोंच शुभम बरनबाल आदि मौजूद रहे।
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