उरई-------: (रिपोर्ट- गौरव मिश्रा भारत News Nation 24)उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रांतीय आह्वान पर सोमवार को महापुरुषों की प्रतिमा के पास मौन व्रत रखा। इसके बाद छह सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिसमें शिक्षक-कर्मचारियों की समस्याओं के जल्द निदान की मांग की।
संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष गिरेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि जिन शिक्षक कर्मचारी की चुनाव ड्यूटी लगी थी और कोरोना के कारण उनकी मौत हुई हो, ऐसे शिक्षक-कर्मचारियों के आश्रितों को पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता और नौकरी दी जाए। पुरानी पेंशन के मामले में सरकार हठधर्मिता अपना रही है। शिक्षक हो या कर्मचारी कोई भी नई पेंशन स्कीम नहीं चाहता है। लिहाजा पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए।
जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी सर ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों में तैनात शिक्षक-कर्मचारियों को अन्य कोरोना प्रभावित कर्मचारियों की तरह राहत सहायता मुहैया कराई जाए। शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 शिक्षकों कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। जिला मंत्री ब्रजेंद्र अहिरवार ने बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन राशि में सीबीएसई की तर्ज पर बढ़ोतरी की मांग की।
इस दौरान कमाल अहमद, प्रदीप निरंजन, देवेंद्र शुक्ला, दिनेश निरंजन, देवेंद्र कुलश्रेष्ठ, पुष्पेंद्र सिंह गुर्जर, सतीश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
No comments:
Post a Comment