प्राप्त जानकारी के अनुसार उरई तहसील क्षेत्र के कुसमिलिया गांव निवासी राजेंद्र कुमार राजपूत के पिता का कुछ माह पहले बीमारी से निधन हो गया था। इसके चलते वह पैतृक कृषि भूमि को अपने नाम कराने के लिए दाखिल खारिज के उद्देश्य से लेखपाल हरिशंकर सिंह के पास गए थे। राजेंद्र का आरोप है कि लेखपाल ने कई दिन टहलाने के बाद 10 हजार रुपये घूस मांगा। जब उसने इतने रुपये न होने का हवाला दिया तो लेखपाल ने पांच हजार रुपये देने को कहा। उसने हां करने के साथ ही एंटी करप्शन झांसी की टीम से शिकायत कर दी। टीम की योजना के अनुसार राजेंद्र घूस देने के लिए पहुंचा तो लेखपाल ने उसे निर्वाचन कार्यालय के बाहर बुलाया। यहां रुपये लेते वक्त लेखपाल को टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया। टीम लेखपाल को कोतवाली में पूछताछ करने के लिए ले गई। यहां कई घंटे की पूछताछ के बाद टीम ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर अमरीश यादव ने बताया कि किसान की शिकायत पर टीम ने लेखपाल को पांच हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़ा है। रिपोर्ट दर्ज कराकर उसे पुलिस को सौंप दिया एंटी करप्शन टीम से शिकायत के बाद टीम ने योजना बनाकर शिकायतकर्ता किसान राजेंद्र को पहले से तय नोटों की एक गड्डी दी थी। उन्हीं नोटों को राजेंद्र ने लेखपाल को दिया और टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
पहले भी कई बार हो चुकी शिकायत
आरोपी लेखपाल हरिशंकर के खिलाफ पहले भी लोग शिकायत कर चुके थे। कई माह पहले एक महिला से घूस मांगने का उसका वीडियो भी वायरल हुआ था लेकिन कुछ लोगों के हस्तक्षेप की वजह से लेखपाल पर कार्रवाई नहीं हो सकी थ
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