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Sunday, 18 September 2022

अयोध्या प्रसाद विश्वकर्मा आईटीआई में आयोजित विश्वकर्मा पूजा व दीक्षान्त समारोह संपन्न


1-तकनीकी शिक्षा से मिलता है सभी को रोजगार- डॉ घनश्याम अनुरागी

2-भगवान विश्वकर्मा के अद्भुत आर्किटेक्चर का आज भी नहीं तोड़, सोने की लंका से लेकर द्वारिकापुरी तक थी बसाई- रमा निरंजन
उरई जालौन-------- (ब्यूरो रिपोर्ट भारत News Nation 24) उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के उरई जालौन मार्ग पर अकोढ़ी दुबे स्तिथ तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बहुप्रचारित संस्था अयोध्या प्रसाद  विश्वकर्मा प्रा आईटीआई में भगवान विश्वकर्मा पूजा व दीक्षान्त समारोह का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी व एम एल सी श्रीमती रमा निरंजन के मुख्य आतिथ्य में प्रारम्भ हुआ सर्वप्रथम समारोह में आये हुए अतिथियों ने मां सरस्वती व देवशिल्पी विश्वकर्मा जी की प्रतिमा पर माल्यर्पण करके दीप प्रज्वलित किया तत्पश्चात कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की छात्राएं दिव्यांशी  पूनम,शालिनी,कीर्ति,निशा,सर्वेश कुमारी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से की गई तत्पश्चात आये हुए अतिथियों का स्वागत करने के लिए नीलम,प्रिया,सरस्वती,निशा,शालिनी,पूनम,कीर्ति,सर्वेश कुमारी ने स्वागत गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया जिसे आये हुए अतिथियों ने बहुत सराहा। कॉलेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम ने उपस्थित सभी अतिथियों सहित समस्त लोगो की आंखे नम कर दी। इस मौके पर *मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी* ने उत्तीर्ण छात्र छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देते हुए कहा कि अयोध्या प्रसाद विश्वकर्मा आईटीआई कॉलेज अपने छात्रों को स्वालम्बी बनाने में भरपूर प्रयासरत है साथ मे कहा कि वर्तमान युग को   तकनीकी युग कहा जाता है।   जैसे - जैसे शिक्षा के क्षेत्र में   प्रगति होती गई  शिक्षा को   अधिकाधिक वैज्ञानिक आधार   देने की आवश्यकता अनुभव   होने लगी क्योंकि प्रत्येक   तकनीकी विकास के आधार   शिक्षा ही है। शिक्षा की   अवधारणा प्रमुखतया   आधुनिकतम संकल्पना के रूप   में  बालक का सर्वांगीण विकास   है। यह शिक्षण की अपेक्षा   अधिगम पर बल देती है तथा   बालक के व्यवहार में अपेक्षित   अनुकूलतम व्यवहारगत   इस प्रकार  से करती   है   कि बालक की अन्तनिर्हित   क्षमताओं को बहुमुखी कर   सामाजिक वातावरण में विकसित कर सके।
*विशिष्ट अतिथि एम एल सी श्रीमती रमा निरंजन* ने दीक्षान्त समारोह में उतीर्ण छात्रों को सर्टिफिकेट व स्मृति चिन्ह देते हुए देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा के उल्लेखों को वर्णित करते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा के अद्भुत आर्किटेक्चर का आज भी नहीं कोई तोड़ नहीं है उन्होंने ही विश्व का मानचित्र बनाया था. इतना ही नहीं सोने की लंका से लेकर द्वारिकापुरी तक थी बसाने का श्रेय भगवान विश्वकर्मा को ही है. उन्हें देवों के शिल्पी, संसार के पहले इंजीनियर वास्तुकला के ज्ञाता के रूप में जाना और पूजा जाता है।
पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी व जिला अध्यक्ष दीपांशु समाधिया ने छात्रों को बताया कि कुशल लोग बेरोजगार नहीं हो सकते। यदि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू करते हैं, तो वे अन्य शिक्षित लोगों को नौकरी के अवसर प्रदान कर सकते हैं। इस प्रकार तकनीकी शिक्षा हमें बेरोजगारी की समस्या की गंभीरता को कम करने में मदद करती है। तकनीकी शिक्षा किसी देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
लखनऊ से आये विश्व मानवाधिकार परिषद के संस्थापक डॉ एम आर अंसारी जी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आज आईटीआई करने के बाद छात्रों के रोजगार के कई रास्ते खुल जाते है  इस मोके पर उन्होंने विश्वमानवानवधिकर परिषद यूथ प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रियंक शर्मा सहित यूथ टीम को सर्टिफिकेट व आईकार्ड प्रदान किये । विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य रामेन्द्र त्रिपाठी व पुष्पेंद्र सेंगर ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से छात्र छात्राओं के बौद्धिक विकास के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमो में प्रतिभाग लेने का विकास भी बढ़ता है । 
विशिष्ट अतिथि मनोज राजा  ने कहा किज्ञान आधारित   अर्थव्यवस्था के वर्तमान  युग   में   देश की सामाजिक आर्थिक   विकास में तकनीकी शिक्षा   महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।   यह सामान्य रूप से देश   के   मानव संसाधन विकास में एक   महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।   यह विभिन्न प्रकार की जनशक्ति   प्रदान करता  है। यह देश की   आधारभूत संरचना, औद्योगिक   और आर्थिक विकास के लिए   आवश्यक है। यह छात्रों   को   व्यावहारिक शिक्षा प्रदान   करता   है ताकि वे अपने व्यक्तित्व   को   ऐसे स्तर  तक बढ़ा सके कि वे न   केवल अपने   देश   के   विकास   मे सहयोग प्रदान करे बल्कि   दुनिया के   विकास मे  अपनी   सक्रिय भूमिका निभाने   मे   सक्षम   हो। तकनीकी शिक्षा   का   उद्देश्य एक पेशेवर उत्पादक   जीवन के लिए छात्रों को तैयार   करना है।
कार्यक्रम के अंत मे कॉलेज के अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा व प्रबन्धक डॉ मयंक कुमार ने आये हुए अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए साल उढ़ाकर व स्मृति चिन्ह प्रदान करके कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया। उपप्रबंधक डॉ प्रियंक शर्मा ने समाज के चौथे स्तम्भ मीडिया के लोगो का आभार व्यक्त किया और कहा कि आप लोगो से ही हमारे हर एक कार्यक्रम लोगो के बीच पहुचता है। 
इस मौके पर विशिष्ट अतिथियों में  शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह राजा, मूलशरण कुशवाहा,पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश तिवारी,जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह सेंगर,रामेन्द्र त्रिपाठी,अरविंद द्विवेदी जिलाध्यक्ष उपजा,विनय गुप्ता ब्यूरोचीफ जनसंदेश,बीडीसी रामकुमार पाल, विश्वकर्मा महासभा के नगर अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद विश्वकर्मा, पूर्व बीडीसी सुरेंद्र पाल, कॉलेज संरक्षिका आशा देवी,सीता देवी, लक्ष्मी ओझा, प्रतिभा झा, निशा,ऋतुराज,रजत कुमार,गौरव झा,लल्लू राम विश्वकर्मा,सन्तराम विश्वकर्मा,कुलदीप चतुर्वेदी, राष्ट्रीय महासचिव आशीष कौशिक , राष्ट्रीय अध्यक्ष शिक्षक प्रकोष्ठ विश्वमनवाधिकार राम अकबर बहादुर,मेराज , कुलदीप मिश्रा, शिवकुमार पांचाल,सुनील कुशवाहा,विनय पांचाल, आशीष विश्वकर्मा, विक्रांत वर्मा, राहुल कुमार, अजय शर्मा, शिवम दूरबार, नीरज कुशवाहा,अवनीश कुमार, राहुल पाल,मनीष, सुमित कुमार,जगराम पाल,राजू,सहित सैकड़ों छात्र छात्राएं उपस्थित रही।

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