जालौन उरई------------- : कोरोना वायरस से बचाव के लिए शहर में बड़ी संख्या में लोग मास्क का प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी प्रकार का खतरा सामने नहीं आया है। सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। सबसे बड़ा सवाल है अगर कोई खतरा आता है तो यही मास्क सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। सफाई कर्मियों के लिए खतरे का सबब साबित हो सकते हैं। वजह, इनके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि पालिका भी स्वीकार करती है कि मास्क के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। केवल जहां कूड़ा डंप होता है, वहीं पर गड्ढा खोदकर गड़वाया जा सकता है। सफाई कर्मियों को जरूर सुरक्षा के बाबत सचेत किया गया है। हर पंद्रह मिनट पर हाथ धोने और मुंह पर मास्क लगाने को कहा गया है। साबुन व मास्क का वितरण भी किया गया है।
शहर से करीब 70 टन कूड़ा कचरा प्रतिदिन निकलता है। इसको उठाकर ले जाना और नालियों की सफाई का काम कर्मचारियों को ही करना है। इस स्थिति में सुरक्षित कैसे रहा जा सकता है, इसके लिए पालिका ने सफाई कर्मियों को टिप्स दिए हैं। साथ ही बेहतर मास्क व हैंडसोप भी दिया है। कहा गया है कि कुछ-कुछ देर में हैंडसोप से हाथ धोएं। सिर पर पहनने के लिए टोपी भी है। इसके साथ ही कर्मचारियों से कहा, वे लोगों को जागरूक करने के लिए पोस्टर भी वितरित करें। बीस बड़े होर्डिंग भी शहर में लगवाए गए हैं। इनमें जागरुकता संबंधी बातें लिखी हुई हैं। ईओ संजय कुमार ने बताया कि कार्यालय के गेट पर हैंडवॉश व वॉसबेशिन लगाया गया है। हर कोई हाथ धोकर ही प्रवेश करेगा। कूड़े का बेहतर प्रबंध करने की व्यवस्था की गई है। शहर में कहीं भी गंदगी नहीं रहने दी जाएगी। साथ ही कर्मचारियों की सुरक्षा भी प्राथमिकता है इसके लिए भी व्यापक प्रबंध किए गए हैं। किसी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
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