झांसी--------:( ब्यूरो -रिपोर्ट भारत न्यूज़ नेशन 24 नेटवर्क) उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद झांसी के तहसील गरौठा क्षेत्र के अंतर्गत एरच डिफेंस कॉरिडोर में दूसरे चरण मे ली गई किसानों की जमीन की सर्वे रिपोर्ट शुक्रवार को नगर पंचायत कार्यालय मे अधिकारियों के द्वारा किसानों की बैठक कर उनके समक्ष रखकर किसानों से सुझाव मागे गए। अधिकारियों ने कहा कि बिना सहमति के किसानों की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। सुझाव की रिपोर्ट जिला अधिकारी और यूपीडा को सौंपी जाएगी।
नगर पंचायत कार्यालय मे गिरि विकास अध्ययन संस्थान के अधिकारियों ने किसानों से कहा डिफेंस कॉरिडोर में किसानों की बिना सहमति के उनकी जमीन नहीं ली जाएगी। बताया गया है कि जिन किसानों ने अभी तक अपनी जमीन के बैनामा नहीं किया है वे बैनामा के दौरान उनके समक्ष आने वाली समस्या को बताएं जिससे उनका समाधान किया जा सके। बैठक में दूसरे चरण में लभेरा कठर्री नेकेरा के बैनामा से वंचित किसानों के समक्ष तैयार सर्वे रिपोर्ट को रखा गया ओर किसानों के सुझाव मांगे गये डिफेंस कॉरिडोर स्थापित करने को लेकर के प्रथम चरण में गेदाकबूला, कठर्री, नेकेरा, एरच और झबरा के किसानों की कुल आठ सौ सत्तर हेक्टेयर जमीन को चिन्हित कर अधिकांश किसानों के बैनामा कर अधिग्रहण किया जा चुका है और दूसरे चरण में 200 हेक्टेयर, लभेरा नेकेरा कठर्री के किसानों की जमीन को अधिग्रहण किये जाने को लकर के बैनामा जारी है।
बताया गया कि दूसरे चरण में केवल 15 हेक्टेयर जमीन ही बैनामा के लिये शेष रह गई है बीते तीन माह पहले गिरि विकास अध्यन संसथान के अधिकारियों के द्वारा दूसरे चरण में ली जाने बाली जमीन के लिये बैनामा से वंचित किसानों से संपर्क कर उनसे बात कर उनके सुझाव लेकर सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई थी, उसी रिपोर्ट को शुक्रवार को नगर पंचायत कार्यालय पर उप जिला अधिकारी गरौठा धीरेन्द्र प्रताप सिंह, तहसीलदार गरौठा मनोज कुमार, नगर पंचायत अध्यक्ष महेश यादव की मौजूदगी में किसानों को सर्वे रिपोर्ट की जानकारी दी। संस्थान के अधिकारी संजय चावला ने कहा कि किसान की जमीन बिना सहमति से नहीं ली जाएगी। संस्थान के अधिकारियों में रोहित शुक्ला, सुदीप कुमार, सहकारी बैक के पूर्व चेयरमैन ओमकार सिंह, लेखपाल देश पाल सिह यादव, लेखपाल जितेन्द्र कुमार, रमेश चन्द्र कुशवहा, प्रहलाद पटेल, मूलचन्द्र प्रजापति, जकीउद्वीन, रामकुमार गोस्वामी के अलावा कई लोग मोजूद रहे प्रथम व दूसरे चरण में जिन किसानों के द्वारा बैनामा कर उनकी जमीन को अधिग्रहण कर लिया गया है उस जमीन पर शीघ्र ही यूपीडा के द्वारा नोटिस बोर्ड लगवाये जाने की प्रकिया शुरू की जाएगी। अधिग्रहण की गई जमीन पर 28 नोटिस बोर्ड को लगाया जाना प्रस्तावित है। कोई भी किसान उक्त जमीन को उपयोग में न ले अन्यथा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। किसानों के नलकूप बोरिंग और भवन का शीघ्र ही मुआवजा दिलाये जाने की प्रक्रिया भी की जा रही है, जल्द किसानों को उसका भी मुआवजा मिलेगा।
No comments:
Post a Comment