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Friday, 21 August 2020

आगरा पुलिस को मिले डॉक्टर योग्यता हत्या कांड के ऑडियो क्लिप

  लखनऊ------- ( रिपोर्ट जेपी द्विवेदी भारत न्यूज़ नेशन 24 नेटवर्क)  उत्तर प्रदेश  आगरा मैं तुम्हारा फोन काफी देर से मिला रहा हूं...किससे इतनी देर बात करती रहती हो... दो-दो घंटे क्यों बिजी रहता है फोन...।' डॉक्टर योगिता गौतम का हत्यारोपी डॉक्टर विवेक तिवारी उनको फोन करके इसी तरह धमकाता था। पुलिस को दोनों के बीच फोन पर बातचीत की ऑडियो क्लिप मिल गई हैं। क्षेत्राधिकारी चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि विवेक के मोबाइल से मिलीं चार ऑडियो क्लिप फोरेंसिक लैब भेजी जाएंगी।दिल्ली के नजफगढ़ इलाके की रहने वाली 26 वर्षीय डॉ. योगिता गौतम आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पीजी की छात्रा थीं। 19 अगस्त (बुधवार) की सुबह डौकी थाना क्षेत्र में उनका शव मिला था। उनकी हत्या के आरोप में पुलिस ने डॉक्टर विवेक तिवारी को गिरफ्तार किया है। वो कानपुर के किदवईनगर का रहने वाला है। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना जुर्म कुबूल किया है।पुलिस के अनुसार विवेक तिवारी अपने मोबाइल में वाइस रिकॉर्डिंग लगाकर रखता था। अप्रैल से ही योगिता और विवेक में अनबन बढ़ गई थी। इसका पता योगिता और विवेक से मोबाइल की कॉल डिटेल से चला है। दोनों में बातचीत न के बराबर है। अप्रैल से पहले की एक क्लिप है जिसमें योगिता और विवेक की बातचीत हैं।डॉ. विवेक : तुम्हारा फोन बहुत देर तक बिजी रहता है। इतनी देर किससे बात करती हो?
डॉ. योगिता :  पापा से बात कर रही थी। उनके कहने पर वीडियो कॉल किया था।
विवेक :  इतनी देर कौन वीडियो कॉल पर बात करता है। यह तो हो नहीं सकता। सच बताओ, किससे बात करती है?हत्या से पहले की ऑडियो क्लिप
यह क्लिप विवेक के 19 अगस्त को योगिता से मिलने आने के दौरान की है। उसने 7:30 बजे कॉल किया था। 30 सेकेंड की बातचीत है।
डॉ. विवेक :  योगिता, कहां पर हो, मैं घर के बाहर आ गया हूं, जल्दी आ जाओ।
डॉ. योगिता : मैं घर पर ही हूं, दो मिनट में बाहर आ रही हूं।
(इसके बाद फोन पर बात करते हुए बाहर निकल आई, इसका सीसीटीवी फुटेज मिला है)डॉ. योगिता के पिता अंबेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी को फोन पर धमकी मिल रही थीं। वह कई दिनों से दहशत में थी लेकिन किसी को बताया नहीं। जब पानी सिर से गुजर गया तो उसने मंगलवार को फोन कर इसकी जानकारी अपनी मां आशा को दी। उसने बताया था कि डॉ. विवेक तिवारी उसे परेशान कर रहा है। पहले कहता था कि शादी नहीं की तो एमबीबीएस की डिग्री निरस्त करा देगा। इसके बाद धमकी देने लगा कि जिंदा नहीं छोड़ेगा। अंबेश कुमार गौतम राजस्थान के उदयपुर में नवोदय विद्यालय समिति में डिप्टी कमिश्नर है। उन्होंने बताया कि बेटी को बहुत दिनों से टॉर्चर किया जा रहा था। वह सहन करती जा रही थी। उसे डर था कि परिवार को बताया तो उसके साथ परिजनों की जान भी खतरे में न पड़ जाए।  एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभाग की पीजी की छात्रा योगिता गौतम की हत्या कर दी गई। 26 वर्षीय योगिता गौतम पुत्री अंबेश गौतम दिल्ली के शिवपुरी कॉलोनी पार्ट 2 की रहने वाली थी। उन्होंने वर्ष 2009 में मुरादाबाद के तीर्थकर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था। 3 साल पहले एसएन मेडिकल कॉलेज में पीजी में एडमिशन लिया था वह नूरी गेट पर लेडी लॉयल अस्पताल के सामने राहुल गोयल के मकान में किराए पर रहती थी। उधर बुधवार सुबह तकरीबन 4:30 बजे डॉकी थाना क्षेत्र के गांव बमरौली में सुनसान रास्ते पर उनकी लाश मिली थी। पुलिस ने पहचान ना होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।                         बहन को बचाने आए थे... पर उसकी लाश मिली
डॉ. योगिता के भाई मोहिंदर ने बताया कि वे बहन को बचाने के लिए आए थे। उन्हें आभास हो गया था कि कुछ अनहोनी होने वाली है। यहां जब वह घर पर नहीं मिली तो उसे ढूंढ रहे थे। अगर मिल जाती तो शायद हम उसकी जान बचा पाते लेकिन हत्यारों ने पहले ही उसकी जान ले ली।

मेरी होनहार बेटी की जान ले ली...
मां आशा का कहना था कि विवेक कई बार बेटी को धमकी दे चुका था। बेटे को भी जान से मारने की धमकी देता था। इस कारण डर गए थे। उसके खिलाफ शिकायत नहीं की थी। बेटी ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। होनहार बेटी की जान ले ली। 15 अगस्त को ही योगिता ने मां को रिजल्ट निकलने की जानकारी दी थी। इससे परिवार खुशी थी। योगिता ने अच्छे नंबरों से परीक्षा पास की थी। वह कोविड अस्पताल में भी तैनात रही थीं। वह हर समय ड्यूटी को प्रमुखता देती थीं। इस कारण हर कोई उनकी तारीफ करता था।               जान बचाने के लिए किया था संघर्ष
योगिता ने जान बचाने के लिए संघर्ष किया था। उनके हाथों पर नाखूनों के निशान हैं। हाथ में टूटे बाल थे। नाखून मेें भी कुछ फंसा था। इससे आशंका है कि उन्होंने बचने की कोशिश की, लेकिन बच नहीं पाई। इसके बाद शव को यहां लाकर फेंका गया है। घटनास्थल पर संघर्ष के निशान नहीं थे। जिस जगह शव फेंका गया, वहां आगे रास्ता बंद था।



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