लखनऊ------( report- JP duvedi Bharat News Nation 24 network )उत्तर प्रदेश राजनैतिक जुलूसों, विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए यूपी सरकार ने संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन कर दिया है। अधिकरण लखनऊ और मेरठ में गठित किया गया है।
लखनऊ के दावा अधिकरण क्षेत्र में 12 मंडल जबकि मेरठ के कार्यक्षेत्र में 6 मंडल क्षेत्रों की दावा याचिकाएं स्वीकार की जाएंगी। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन में हिंसा फैलाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति की वसूली के लिए प्रदेश सरकार मार्च में उत्तर प्रदेश लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली नियमावली 2020 लाई थी।
इसी नियमावली के तहत इस दावा अधिकरण का गठन किया गया है। दावा अधिकरण को सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां प्राप्त होंगी और वह उसी रूप में काम करेगा। उसका फैसला अंतिम होगा और उसके खिलाफ
किसी न्यायालय में अपील नहीं की जा सकेगी। क्षतिपूर्ति पाने के लिए संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना के तीन माह के अंदर दावा अधिकरण के समक्ष आवेदन करना होगा।
सीएए हिंसा के दौरान लखनऊ समेत प्रदेश के कई शहरों में सरकारी व निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। इसकी भरपाई के लिए शासनादेश जारी कर एडीएम की ओर से कार्रवाई की गई थी। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। तब कोर्ट ने बिना कानून बनाए ऐसी कार्रवाई पर सवाल उठाया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था।
लखनऊ के कार्यक्षेत्र में 12 मंडल
लखनऊ, झांसी, कानपुर, चित्रकूटधाम, अयोध्या, देवीपाटन, प्रयागराज, आजमगढ़, वाराणसी, बस्ती, गोरखपुर और विंध्याचल।
मेरठ के कार्यक्षेत्र में छह मंडल
मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़, आगरा, बरेली और मुरादाबाद
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