उरई /जालौन------^^: रिपोर्ट -भारतNews Nation 24 उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में मेडिकल कॉलेज की सड़कों व कालोनियों में लगा गंदगी का अंबार सड़कों पर लोगों का चलना हुआ दूबर आइए दिखाते हैं पूरी हकीकत
गंदगी से पटी मेडिकल कॉलेज की कालौनियो के रास्ते।
कालौनी में रहने वाले मेडिकल कॉलेज के कारिन्दे बोले ।
रिहायशी इलाके में फैली गंदगी से जीना हुआ दुस्वार ।
दबी जुबान बोले संविदा पर कार्यरत कर्मचारी।
जब से हुई तैनाती नहीं दिखाई दिए कालौनियों में सफाई कर्मचारी ।
नालियों और ड्रैनेज चैम्बरों के चोक होने से बरसात के पानी से बड़ी लोगों का रोड़ पर चलना खतरे से नहीं खाली ।
ज़हरीले जीव जन्तुओं काटने का रहता है अंदेशा ।
आइए एक बार हम फिर आंखों देखा हाल अपनी तीसरे दिन की पड़ताल में दिखाते हैं । जनपद जालौन में स्थापित मेडिकल कॉलेज में बनी आवासीय कालोनी में ब्याप्य गंदगी का आंखों देखा हाल।
वीरेंद्र सिंह चौहान के साथ।
एक तरफ जहां योगी आदित्यनाथ की सरकार पूरे प्रदेश को गंदगी मुक्त कर लोगों को सुरक्षित जीवन जीने का पूरा प्रयास कर रही है।तो वहीं दूसरी ओर १००एकड में स्थापित मेडिकल कॉलेज उरई में मुख्य द्वार से आकस्मिक विभाग आडोटोरियम के आस जितना खुबसूरत नजारा देखने को मिल रहा है और अगर हम इस इलाके को छोड़ आगे रिहायशी इलाके को जाकर देखें तो इस मेडिकल कॉलेज में तैनात प्राचार्य डॉ द्विजेंद्र नाथ के कार्यो की हकीकत सामने आ जाएगी। हमने जब शुक्रवार को सुबह यहां पर बने आवासों की सड़कों पर चल कर देखा तो जो हालात हमें देखने को मिले आइए हम उसका आंखों देखा हाल दिखाते हैं ।
यहां रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिजनों से मिले और परसर में ब्याप्य गंदगी के बारे में जानकारी ली तो वह लोग नाम न दर्शाने और फोटो न दिखाने की बातें कहते नजर आए। मेडिकल कॉलेज में तैनात प्राचार्य डॉ द्विजेंद्र नाथ के खौफ के चलते दबी जुबान से बताने लगे कि हम जब से यहां रह रहे हैं हमने कभी सफाई होते नहीं देखी ।
तो फिर जब सफाई कर्मचारी आखिर क्यों काम नहीं करते हैं। दरअसल सच तो यह है कि अनुरक्षण के मद से मिलने वाली धनराशि को किस इसमें खर्च किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य यह भी बताने से परहेज़ कर रहे हैं ।इसी बजह से तो वह फोन उठाने से परहेज़ कर रहे हैं ।।
आप को बता दें हमारी यह पहल तब तक जारी रहेगी जब तक कि सैकड़ों करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस मेडिकल कॉलेज में व्याप्त गंदगी से यहां के वासिन्दों को मुक्ति नहीं मिलती है।
१आखिर कैसे हटेगा इस परिसर से गंदगी का अंबार ।
कहां जा रहा है अनुरक्षण के मद का लाखों का बजट ।
क्यों तैनात नहीं किए गए सफाई कर्मचारी।
बेस कीमती इमारतें जल भराव से हो रही बर्बाद ।
माइक्रो वायोलोजिकल विभाग जाकर देखें पूरी हकीकत ।
आम आदमी की पहुंच से दूर वाला लगा हुआ मार्वल टूट कर हो रहा बर्बाद।
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