सोमवार को देश के जिन जिलों में लॉकडाउन है, वहां बाजार में बड़ी संख्या में लोग बाहर घूमते और बाजार में खरीदारी करते दिखे। इससे कई जिलों में लॉकडाउन बेअसर दिख रहा है। भारत में लोग कोरोनावायरस और लॉकडाउन को बहुत हल्के में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसे लोग न अपनी परवाह कर रहे हैं, न ही दूसरों की।
इससे पहले रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में यह देखने में आया कि कुछ लोग शाम को पांच बजते ही सड़कों पर आ गए। वे जुलूस की शक्ल में बाहर निकलकर थाली, घंटी और शंख बजाने लगे। कुछ जगहों पर तिरंगा भी फहराया गया। जबकि पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू सोशल डिस्टेंसिंग के लिए लगाने की अपील की थी।
इससे पहले ऐसा यूरोप के कई देशों में देखने में आया था। जब वहां की जनता ने लॉकडाउन का मजाक बनाया था। अब वे इसका खामियाजा भुगते रहे हैं। जर्मनी में युवा लॉकडाउन के दौरान पार्टियां कर रहे थे और बुजुर्गों का मजाक उड़ा रहे थे। उनकी लापरवाही का नतीजा है कि जर्मनी में कोरोना वायरस के 28 हजार से ज्यादा मामले आ चुके हैं और करीब दो हजार लोगों की मौत हो चुकी है।
फ्रांस में भी लॉकडाउन है। इसके बावजूद लोग मस्ती करने बीच पर निकल रहे थे। वायरस को फैलने से रोकने के लिए वे न तो लॉकडाउन को मान रहे थे और न ही डॉक्टरों की सलाह को। ऐसे में अधिकारियों को उनके खिलाफ कड़े कदम उठाने पड़े। फ्रांस के गृह मंत्री क्रिस्टॉफ कैस्टानेर ने कहा कि कुछ लोग नियमों को तोड़कर खुद को हीरो समझते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। ये लोग मूर्ख हैं।
अमेरिका के फ्लोरिडा में भी प्रतिबंधों के बावजूद युवा बीच पर पार्टी कर रहे थे। उनकी लापरवाही का नतीजा ही है कि अमेरिका में कोरोना वायरस के 33 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और करीब साढ़े चार सौ लोगों की मौत हो चुकी है। फ्लोरिडा के गवर्नर ने सभी बीचों को बंद कर दिया है।
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