पूर्व सांसद अतीक अहमद की बड़ी मुश्किल - Bharat News Nation 24

Bharat News Nation 24

हर खबर पर नज़र

Breaking news

Saturday, 7 March 2020

पूर्व सांसद अतीक अहमद की बड़ी मुश्किल


प्रयागराज-----------:उत्तर प्रदेश सूबे में योगी सरकार बनने के बाद बाहुबली नेता पूर्व सांसद अतीक अहमद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। योगी सरकार के फरमान पर पहले अतीक अहमद को जिले से बाहर की जेल में रखा गया फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूपी के बाहर गुजरात क़ी अहमदाबाद जेल में भेजा गया। अतीक अहमद जहां सलाखों के पीछे हैं तो वहीं उनके भाई और बेटे तक पंहुचने के लिए प्रशासन अब उनके करीबियों पर शिंकजा कस रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाहुबली अतीक अहमद के कुनबे की जड़ कमजोर करने के लिए एक एक कर उनके कार खासो को तोड़ने पर लग गई है। अतीक कुनबे के मददगार उनके करीबी बिजनेसमैन को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस बार प्रशासन ने सिविल लाइंस में अतीक अहमद के करीबी बिजनेसमैन नफीस अहमद की दो बिरयानी शॉप को कुछ ही देर में जमींदोज कर दिया है।साथ ही उनके एक वर्कशॉप को भी पूरी तरह से सीज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई उनके दोनों शॉप का लाइसेंस ना होने के आधार पर की जा रही है। कई बार नोटिस देने के बावजूद शॉप मालिक क़ी तरफ न तो लाइसेंस लिया गया औऱ न ही पार्किंग क़ी व्यवस्था क़ी गई जबकि इसके लिए प्रयागराज प्राधिकरण औऱ नगर निगम क़ी तरफ से कई बार नोटिस दिया जा चुका था।
अतीक अहमद के करीबी बिजनेसमैन क़ी सिविल लाइंस में क़ी दो शॉप पर बुलडोजर चलने के बाद बाहुबली के दूसरे करीबी बिजनेसमैनों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबियों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। इस पूरी कार्रवाई के दौरान प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अलावा नगर निगम क़ी टीम औऱ सुरक्षा क़ी दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल के अलावा आरएएफ की टीम भी मौजूद रही।
वही अतीक कुनबे पर हुई कार्यवाही के बाद समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सहित उनके तमाम करीबियों ने सोशल मीडिया पर योगी प्रशासन के खिलाफ हमला बोल दिया। समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रदेश प्रवक्ता ऋचा सिंह ने कहा कि शॉप पर प्रशासन द्वारा की गयी कार्यवाही बेहद निंदनीय है । बिना किसी पूर्व नोटिस के दुकान को गिराया जाना कानून संगत कार्यवाही नहीं है।जिला प्रशासन को इस तरह कुछ एक दुकानों को अपना निशाना नहीं बनाना चाहिए बल्कि किसी भी तरह की कार्यवाही से पहले नोटिस दी जानी चाहिए। बड़ा सवाल यह है कि सिर्फ म्ंजवद पर ही कार्यवाही क्यों की गई बगल में और भी रेस्टोरेंट भी है आखिर जिला प्रशासन ने उन बड़े होटलों पर कार्यवाही क्यों नहीं की।

No comments:

Post a Comment

Pages