1-मेडिकल कॉलेज में स्थापित आश्रय गृह का नहीं खुलता ताला
२-प्रशासन बना मूक दर्शक
उरई/ जालौन -----:रिपोर्ट वीरेंद्र सिंह चौहान भारतNews Nation 24 उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन।
कालेज में तैनात प्राचार्य की अन्देखी के कारण मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले मरीजों को और उनके साथ में रहने वाले तीमारदारों को इस आश्रय गृह के बारे में जानकारी न देने की वजह से इस शैल्टर हाउस में कोई तीमारदार और आपत्ति की स्थिति में भी रूकने की की जानकारी के संबंध में न तो इमरजेंसी (आकस्मिक) विभाग में से लेकर प्रतीक्षालय में और न ही मेडिकल कॉलेज प्रांगण में इस शैल्टर हाउस का न तो संकेतक चिन्ह बनाएं गए हैं जिससे कि आम आदमी को यह भी जानकारी रहे कि विसम परिस्थितियों में इस शैल्टर हाउस में रूक कर एक रात परेशानी में गुजार सकें ।
वहीं जब इस शैल्टर हाउस की खबर के संबंध में मेडिकल कॉलेज में तैनात प्राचार्य डॉ द्विजेंद्र नाथ से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया और जबकि कई बार कॉल की गई। अगर इस शैल्टर हाउस के संबंध में जिलाधिकारी ने खुद मौके पर जाकर हालचाल नहीं देखा तो यह शैल्टर हाउस कबूतरों का बसेरा गृह जरूर बन जाएगा ।
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