बाढ़ पीड़ितों ने राज्यमंत्री को बताया कि अधिकारी उनके साथ पक्षपात करते हैं। शिकायतों पर सुनवाई भी नहीं होती। अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं।
गांव के लोगों ने कोटेदार पर राशन न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा जब भी वे राशन लेने कोटे पर जाते हैं, तो उन्हें भगा दिया जाता है।
शिकायत सप्लाई विभाग कालपी में की तो वहां से भी भगा दिया गया। गांव के रामअवतार, संतोष कुमार, रामू आदि ने आरोप लगाया कि तीन माह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पोषाहार का वितरण
शिकायत ब्लॉक के अधिकारीयों से करने पर भी सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने ब्लॉक अधिकारियों पर शासन से संचालित योजनाओं का लाभ भी न देने का आरोप लगाया।
प्रधान ऊषा देवी ने इकौना मिश्रीपुर मार्ग बनवाने कि मांग की। ग्रामीणों की शिकायत पर राज्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। इकौना के बाद काफिला पाली गांव पहुंचा, जहां राज्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान रविकांत द्विवेदी, छोटे सिंह, बृजनंदन तिवारी आदि मौजूद रहे।
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