लखनऊ--------:उत्तर प्रदेश फतेहपुर जनपद के जाफरगंज थानाक्षेत्र के नयापुरवा गांव में मुंबई से आया युवक कोरोना का वाहक बन गया। उसके संपर्क में आए लोग सुरक्षित हैं या नहीं, इसे लेकर स्वास्थ्य महकमे में अफरातफरी का माहौल है। परिजन व ग्रामीण दोनों अपने-अपने स्वास्थ्य को लेकर भी सशंकित हो गए हैं।
उक्त युवक यदि आते ही यह स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आ गया होता तो इस संक्रमण को समय रहते समझा व परखा जा सकता था। युवक न केवल गांव आया बल्कि कइयों से मिला, उनके गले लगा, ग्रामीण युवकों की टीम में शामिल होकर पड़ोसी गांवों की टीम से क्रिकेट मैच खेला। यही नहीं बाजारों में भी बेरोकटोक घूमा। संक्रमित युवक के पिता किसान हैं।
परिवार में मां, एक छोटा भाई और एक छोटी बहन है। संक्रमित युवक मुंबई में प्राइवेट कार्य करता था। ग्रामीणों ने बताया कि एक मई की शाम सात बजे बाइक से यह युवक गांव में दाखिल हुआ था। युवक के पिता और उनके एक दोस्त इसे बाइक पर बैठाकर बिंदकी से लाए थे। यह मुंबई से गांव के लिए पैदल ही निकल पड़ा था। विभिन्न वाहनों व पैदल यह लोग जिले में पहुंचे थे।
गढ़ी के पास से बांदा के दो लोग चले गए थे। जिसमें से एक महिला बांदा में हुई जांच में कोरोना पॉजिटिव निकली थी। इधर, जाफरगंज के युवक के साथ रेवाड़ी का भी एक युवक बिंदकी तक आया था। अगले दिन दो मई को इसने अपने चाचा व चाचा के परिवार के साथ मुलाकात की, पैर छुए, गले मिला। गांव के कई दोस्तों से गले मिला। इसे केवल गले में खराश व हल्की खांसी आने की दिक्कत थी।
दो मई को ही दोपहर में युवक ने पड़ोसी गांव खोटिला, लाखीपुर आदि के लड़कों के साथ क्रिकेट खेला। ग्राम प्रधान अशोक वर्मा ने बताया कि मुझे पता चला कि गांव में बाहर से आया है तो स्वास्थ्य परीक्षण कराने और तब तक विद्यालय में क्वारंटीन रहने की सलाह दी। विद्यालय में रुकवाया भी गया लेकिन रात में भाग निकला।
तीन की रात में स्वास्थ्य टीम इसे अपने साथ परीक्षण के लिए ले गई। चार को नेवलापुर में क्वारंटीन कर दिया था। अब कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि के बाद पड़ोसी गांव गढ़ी, जाफरगंज, माझेपुर, चरई, लाखीपुर, इटरा, शुक्लनपुर, बरवा, पूरेदान, आदि गावों के लोग सहम गए हैं। नयापुरवा गांव में तो हर घर में दहशत का माहौल है।
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