उरई जालौन--------:( ब्यूरो रिपोर्ट भारत News Nation 24) उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन के विकासखंड कदौरा मैं चौबीस साल पूर्व हत्या के मामले में दोषी पाए गए तत्कालीन कदौरा थाना प्रभारी को आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। मामला भी कदौरा थाना क्षेत्र का ही था। आरोपी थाना प्रभारी तीन साल पहले सेवानिवृत्त हो चुका है और कोर्ट से सजा मिलने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
घटना से आपको अवगत चरार चलें कि सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कदौरा थाना क्षेत्र के नाका निवासी जनक सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 नवंबर 1997 को तत्कालीन कदौरा थानाध्यक्ष राजेश द्विवेदी उसके विरोधी पक्ष के रामस्वरूप शुक्ला के साथ उसके घर में घुस आए और घर में सो रहे उसके बेटे प्रद्युम्न को जगाकर उसे तमंचे से गोली मार दी। इससे उसकी मौत हो गई थी। गोली की आवाज सुनकर घर के अन्य लोग आ गए और थानाध्यक्ष राजेश द्विवेदी को पकड़ लिया। तब तत्कालीन एसडीएम कालपी व एसपी भी मौके पर पहुंचे। आक्रोशित परिजनों ने उन्हें एसओ को सौंप दिया था।मामले की जांच क्षेत्राधिकारी ब्रजमोहन उदैनिया ने की। जांच में नौ लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। मुकदमे के दौरान वादी के अलावा आठ गवाह पक्ष द्रोही हो गए। मूल पत्रावली में आदेश के पूर्व राजेश द्विवेदी अनुपस्थिति हो गए थे। लिहाजा उनके मामले में अलग से सुनवाई हुई। स्पेशल जज डकैती श्रीप्रकाश तिवारी ने मामले में राजेश द्विवेदी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड में पचास फीसदी राशि वादी को दी जाएगी। न्यायालय ने पक्षद्रोहियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है और उनके खिलाफ भी धारा 161 व 344 के अंतर्गत कार्रवाई करने के आदेश दिए।
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