जालौन उरई ------:( रिपोर्ट- अतुल शास्त्री भारत News Nation24) उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड जनपद जालौन आटा थाना क्षेत्र के ददरी गांव में रोजाना एक डीसीएम से अवैध शराब उतरने की जानकारी सामने आ रही है। जिसे रामहेत के अलावा शराब बेचने वाले कुछ और लोग खरीदकर अपने घरों को ले जाते थे। इसके बाद पानी और कुछ अन्य नशीला पदार्थ मिलाकर एक क्वाटर का डेढ़ क्वाटर बनाया जाता था। डीएम और एसपी दोनों ही अधिकारियों का कहना है कि रामहेत भी जल्द पकड़ में आएगा। जिसके बाद उसका पूरा गोरखधंधा भी सामने आ जाएगा। शराब माफियाओं को कतई भी बख्शा न जाएगा। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने रामहेत के घर पर ताला लगा दिया है।
दस साल से शराब बेच रहा था रामहेत
ददरी के ग्रामीणों का कहना है कि रामहेत पिछले करीब दस सालों से अवैध शराब की बिक्री कर रहा है लेकिन पुलिस से उसकी साठगांठ के चलते अब तक उस पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकी। पहली बार वह पुलिस अधिकारियों के शिकंजे में फंसा है।
90 का एक 160 के दो क्वाटर की बिक्री
गांव में शराब का कोई ठेका न होने से रामहेत व उसके जैसे कुछ और लोग मनमाने दामों पर शराब की बिक्री करते हैं। 70 का क्वाटर 90 रुपये में और 160 रुपये में दो बेचे जाते हैं। गांव में प्रतिदिन सौ से सवा सौ क्वाटर शराब की खपत बताई जा रही है।
पहले भी बरामद हो चुकी अवैध शराब
जनपद में पहले भी कई मर्तबा अवैध शराब भारी मात्रा में बरामद की जा चुकी है। उरई कोतवाली के अलावा एट और कालपी कोतवाली में अवैध व मिलावटी शराब बरामद की गई है। उक्त अवैध शराब एमपी और हरियाणा से जिले के रास्ते आगे भेजी जाती है।
सकते में गांव के शराबी,कर रहे तौबा
गांव में मिलावटी शराब से दो की मौत के बाद गांव भर के शराबी बुधवार को पूरे दिन सकते में रहे। दिन भर शराब न मिलने के बाद भी वे उसे लेने के लिए इधर उधर भागे नहीं, बल्कि घरों में ही कैद रहे। परिजन भी उन्हें आगे से शराब को हाथ न लगाने की सलाह देते रहे।
दिन भर रही देवेंद्र के दरवाजे भीड़
अवैध व मिलावटी शराब के खुलासे के बाद बुधवार को पूरे दिन ग्रामीणों की भीड़ मृतक देवेंद्र के घर के बाहर लगी रही। भीतर उसकी पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था। हर कोई कह रहा था कि शराब ने एक और परिवार उजाड़ दिया।
मंत्री भी ले सकते हैं अफसरों की क्लास
शनिवार को दतिया जाने के लिए आबकारी मंत्री रामनरेश भी जनपद आ रहे हैं। ऐसे में अवैध शराब का मामला उनके सामने भी आना तय है। जिससे आबकारी विभाग के अधिकारी भी सकते हैं कहीं मंत्री के सामने उनकी भी क्लास भी न लग जाए।
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